दुर्ग। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय अंतर्गत एमएसएमई विकास कार्यालय, रायपुर द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेले का शुभारंभ आज स्वामी विवेकानंद भवन, दुर्ग में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य देव नारायण चंद्राकर, शेखर चंद्राकर, ज्ञानेश्वर चंद्राकर, निलेश अग्रवाल, शशि साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों द्वारा लगाए गए लगभग 100 स्टॉलों में पारंपरिक कारीगरी और हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, हर काम का अपना महत्व होता है। पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान और सम्मान दिलाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत टूलकिट पोस्ट ऑफिस के माध्यम से पारदर्शी तरीके से वितरित की जा रही है तथा मात्र 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जो कारीगरों के लिए बड़ी उपलब्धि है।
महापौर ने कहा कि यह योजना विलुप्त होती जा रही हस्तकलाओं को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ कारीगरों और उनके बच्चों के भविष्य को संवारने में सहायक है। जब हर हाथ को काम मिलेगा, तभी देश और गांव आत्मनिर्भर बनेंगे।
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष डॉ. सीपी दुबे ने पारंपरिक उत्पादों की महत्ता पर प्रकाश डाला। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र दुर्ग के मुख्य महाप्रबंधक श्री बी.आर. निकुंज ने जिले में योजना की प्रगति की जानकारी दी। वहीं, स्किल डेवलपमेंट विभाग के संयुक्त निदेशक श्री गणेशचंद्र डेका ने योजना से कारीगरों को मिल रही पहचान, सम्मान और समृद्धि की जानकारी दी।
योजना हितग्राही टोकरी निर्माता श्रीमती तुलसी मरकाम ने योजना से मिले लाभों को साझा किया। कार्यक्रम का संचालन श्री दामोदर बेहरा ने किया एवं आभार प्रदर्शन श्री के.बी. इरपाते ने किया।
महापौर अलका बाघमार ने दुर्ग में पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया








