गरियाबंद | छुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पितेश्वर हरपाल गरियाबंद । जिले की छुरा पुलिस ने एक बेहद सुनियोजित ठगी और धमकी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों आरोपी MBBS के छात्र हैं और वर्षों से अलग–अलग राज्यों में करोड़ों की ठगी, फर्जीवाड़ा, धमकी और परीक्षा में नकल कराने जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे थे।
फर्जी ‘नॉन-बेलेबल वारंट’ भेजकर 1 लाख ऐंठे
प्रार्थी खेमचंद (छुरा क्षेत्र) को डाक से फर्जी नॉन-बेलेबल वारंट भेजा गया।
इसके बाद आरोपी निखिल राज ने उससे संपर्क कर कहा
“दो लाख रुपये नहीं दोगे तो जेल भेज दूंगा।”
डरकर नागरिक ने अगस्त में आरोपी को 1 लाख रुपये दे दिए और फर्जी वारंट भी लौटा दिया। इसके बाद आरोपी निखिल राज और उसका साथी चंद्रशेखर उर्फ चंदन लगातार धमकाते रहे और रकम बढ़ाने लगे।
एक आरोपी स्थानीय स्तर पर, दूसरा ट्रेन में धर दबोचा गया
शिकायत पर SP और SDOP के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
चंद्रशेखर सेन को छुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में पता चला कि दूसरा आरोपी निखिल राज हमसफर एक्सप्रेस से झांसी भाग रहा है।
तुरंत बिलासपुर व पेंड्रा रोड RPF की मदद से चलती ट्रेन से ही गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों ने अपराध कबूल कर लिया।
2009 से ठगी का खेल ‘मुन्नाभाई स्टाइल’ में पास कराते थे छात्र
दोनों वर्ष 2007 से MBBS पढ़ रहे हैं।
खर्चीली जीवनशैली के कारण उन्होंने 2009 से फर्जीवाड़ा शुरू किया।
दोनों PMT परीक्षाओं में असली अभ्यर्थियों की जगह नकली परीक्षार्थी बैठाकर लाखों कमाते थे, बिल्कुल मुन्नाभाई MBBS स्टाइल में।
दोनों पर कई राज्यों में ठगी के मामले रकम 55 हजार से 5 करोड़ तक
चंद्रशेखर सेन के मामले
- 2009 पीएमटी फर्जीवाड़ा — महासमुंद
- 2010 पीएमटी फर्जीवाड़ा — बिलासपुर
- 3 लाख की ठगी — जगदलपुर
- 19 लाख — दुर्ग
- 55 हजार, 1.30 लाख, 26.80 लाख अलग–अलग थानों में
कुल 8 से अधिक मामले
निखिल राज के मामले
- 2009 पीएमटी फर्जीवाड़ा — महासमुंद
- 2010 पीएमटी फर्जीवाड़ा — बिलासपुर
- गुरुग्राम में 5 करोड़ की धोखाधड़ी
कुल 3 गंभीर अपराध दर्ज
15 साल से MBBS छात्र! अब कॉलेज प्रबंधन की जांच
दोनों स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर के छात्र हैं, वर्ष 2007 से MBBS कर रहे हैं।
पुलिस अब कॉलेज प्रबंधन से पूरा रिकॉर्ड मंगाकर:
- पढ़ाई के दौरान की गतिविधियां
- फीस और प्रमाणपत्र
- अब तक की अवैध संपत्ति
की जांच करेगी।
ठगी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
छुरा पुलिस की यह कार्रवाई उन नेटवर्क पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है, जो
- धमकी देकर रकम वसूलते हैं
- फर्जी दस्तावेज बनाते हैं
- परीक्षा में नकल रैकेट चलाते हैं
बड़े समय से फरार और कानून को चकमा देने वाले दोनों आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं।








