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कोंडागांव: सुरक्षित बचपन अभियान के तहत 21 स्कूलों के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

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‘जागरूक भारत, सशक्त भारत’ विषय पर ड्राइंग, पेंटिंग, निबंध, स्लोगन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन, विजेता विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव, बच्चों में उनके अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण और कानूनी जागरूकता के प्रति समझ विकसित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोंडागांव द्वारा ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। ऑडिटोरियम, कनेरा रोड, कोंडागांव में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के लगभग 21 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘जागरूक भारत, सशक्त भारत’ रहा।

यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोंडागांव के तत्वावधान में किया गया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोंडागांव के अध्यक्ष श्री खिलावन राम रिगरी ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण करके किया। आयोजन के दौरान ड्राइंग, पेंटिंग, निबंध लेखन, स्लोगन लेखन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूक नागरिक बनने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा पर दिया जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी ने कहा कि बचपन जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इस अवस्था में बच्चों को अच्छी शिक्षा, उचित मार्गदर्शन, सुरक्षित वातावरण और अपने अधिकारों की जानकारी मिलना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई में अच्छे अंक प्राप्त करना ही सफलता नहीं है, बल्कि जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बच्चों को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रह सकें और दूसरों के अधिकारों का सम्मान कर सकें।

बाल विवाह और बाल शोषण के खिलाफ जागरूकता जरूरी

श्री रिगरी ने सुरक्षित बचपन अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण—हर बच्चे का अधिकार’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि हर बच्चे का बचपन सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों की सुरक्षा केवल न्यायालय, पुलिस या किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार, विद्यालय, समाज और प्रशासन को मिलकर यह जिम्मेदारी निभानी होगी।

उन्होंने बाल विवाह और बाल शोषण के दुष्परिणामों पर भी प्रकाश डाला। बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वतंत्रता और भविष्य को प्रभावित करता है, जबकि बाल शोषण उनके आत्मविश्वास एवं मानसिक विकास को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए ऐसी घटनाओं के प्रति जागरूक रहना और किसी भी मामले की जानकारी संबंधित प्राधिकरण तक पहुंचाना आवश्यक है।

21 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

प्रतियोगिताओं में जिले के लगभग 21 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनाओं, लेखों और विचारों के माध्यम से बाल अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और सशक्त भारत का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अतिथियों द्वारा प्रशस्ति प्रमाण पत्र, शील्ड और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन हुआ और अन्य बच्चों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने की प्रेरणा मिली।

न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खिलावन राम रिगरी, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री विक्रम प्रताप चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सुश्री प्रतिभा मरकाम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेशमा बैरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री गायत्री साय तथा प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी सुश्री सीमा टांडे उपस्थित रहीं।

इसके अलावा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री दीपक ठाकुर, पैनल अधिवक्ता श्री सुरेंद्र भट्ट एवं श्री तिलक पांडे, श्री नरेश कुमार नाईक, आजाक थाना प्रभारी श्री रमेश शोरी, शिक्षा विभाग से श्री वेणुगोपाल राव, सेवानिवृत्त शिक्षक श्री टंकेश्वर पाणीग्राही, श्री खेम वैष्णव, श्री राजेंद्र राव तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल संरक्षण अधिकारी श्री नरेंद्र सोनी सहित अन्य रिसोर्स पर्सन, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी एवं अधिकार मित्र उपस्थित रहे।

जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने की पहल

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोंडागांव द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर देने के साथ-साथ उन्हें कानून, अधिकारों, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा।

ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सुरक्षित बचपन अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, उचित संरक्षण और सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराने के प्रति समाज को जागरूक करना है।

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