ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव । जिले के जनपद क्षेत्र फरसगांव अंतर्गत जुगानीकलार स्थित में फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर तीन दिवसीय अष्टपहर हरिनाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया है। प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचकर अखंड हरिनाम संकीर्तन में भाग ले रहे हैं।
हरे राम-हरे कृष्ण के जयघोष से गूंजा आश्रम परिसर
आश्रम परिसर में भक्ति रस की अविरल धारा बह रही है। वातावरण हरे राम-हरे कृष्ण के संकीर्तन से गूंजायमान है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ संकीर्तन में सहभागी बन रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था
आश्रम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। दूर-दराज से पहुंचे भक्तजन प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं।
स्थापना की परंपरा आज भी जारी
श्रद्धालुओं के अनुसार आश्रम की स्थापना स्व. श्रीधाम गोसाई जी द्वारा की गई थी। उनके मार्गदर्शन में फाल्गुन पूर्णिमा पर हरिनाम संकीर्तन की परंपरा प्रारंभ हुई, जो आज भी निरंतर जारी है। उनके स्वर्गवास के पश्चात उनकी अर्धांगिनी गुरु मां के नेतृत्व में यह धार्मिक परंपरा आगे बढ़ाई जा रही है।
चंद्र ग्रहण के बीच भी अविरल रही भक्ति
इस वर्ष विशेष संयोग यह रहा कि होली की पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का योग बना। ग्रहण काल के दौरान श्रीकृष्ण जी के मुख्य गर्भगृह का पट परंपरा अनुसार बंद रखा गया, किंतु हरिनाम संकीर्तन सतत रूप से संचालित रहा। श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रीकृष्ण भक्ति में ग्रहण या सूतक का प्रभाव नहीं पड़ता, हालांकि धार्मिक मर्यादा का पालन करते हुए मंदिर की नियमित सेवा-विधि में आंशिक विराम रखा गया।
ग्रहण उपरांत रंगोत्सव की तैयारी
ग्रहण समाप्ति के पश्चात रंगोत्सव होली को श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाने की तैयारी की गई है। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।








