
शराब पार्टी के बाद गर्लफ्रेंड की हत्या
भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही महिला की उसके प्रेमी ने शराब पार्टी के बाद बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने अपने भाई और दोस्त की मदद से शव को प्लास्टिक बोरी में भरकर नाली में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सुपेला थाना क्षेत्र की है।
शराब पार्टी के बाद हुआ विवाद, फिर हत्या
पुलिस के मुताबिक, भिलाई निवासी आरती निर्मलकर उर्फ भारती (34) पिछले 4–5 महीनों से तुलाराम बंजारे (33) के साथ कोसानगर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
5 दिसंबर 2025 की शाम दोनों ने शराब पार्टी की और खाना खाया। नशे की हालत में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्से में तुलाराम ने आरती को थप्पड़ मारा, गला दबाया और उसका सिर दीवार पर पटक दिया। गंभीर चोट लगने से आरती की मौके पर ही मौत हो गई।
सबूत मिटाने की कोशिश, शव को जलाया
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से मृतका के कपड़े उतारकर चूल्हे में जला दिए। इसके बाद शव को घुटनों से मोड़कर प्लास्टिक की रस्सी से बांधा ताकि वह छोटा हो जाए और उसे बोरी में भरा जा सके।
भाई और दोस्त की मदद से ठिकाने लगाया शव
तुलाराम ने हत्या की जानकारी अपने भाई गोवर्धन प्रसाद बंजारे (28) और दोस्त ऑटो चालक शक्ति भौयर (42) को दी। तीनों ने मिलकर शव को ऑटो में रखा और शहर में कई घंटे घूमते रहे।
रात करीब 3 बजे चंद्रा–मौर्या अंडरब्रिज के पास सन्नाटा होने पर शव को नाली में फेंककर फरार हो गए।
13 दिसंबर को बोरे में बंद मिली लाश
13 दिसंबर को चंद्रा–मौर्या टॉकीज के पास नाली में एक बोरे में बंद महिला का शव मिला। पुलिस ने पहचान के लिए हाथ में बने टैटू की तस्वीरें सार्वजनिक कीं।
एक परिचित महिला ने शव की पहचान आरती निर्मलकर के रूप में की, लेकिन आरोपी ने तब दावा किया कि आरती अपने पिता के पास नागपुर गई है।
पूछताछ में टूटा आरोपी, कबूला गुनाह
17 दिसंबर को पुलिस को अहम जानकारी मिलने के बाद तुलाराम को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। इसके बाद भाई और दोस्त को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों को 18 दिसंबर को जेल भेज दिया गया।
दो शादियां छोड़ चुकी थी मृतका

पुलिस के अनुसार आरती की पहले दो शादियां हो चुकी थीं। उसने दोनों पतियों को छोड़ दिया था और उनके नाम का टैटू अपने हाथ में गुदवाया हुआ था। फिलहाल वह तुलाराम के साथ लिव-इन में रह रही थी।
8 दिन तक कैसे नजर नहीं आया शव?
पुलिस के मुताबिक हत्या 5 दिसंबर को हुई और 6 दिसंबर की तड़के शव नाली में फेंका गया। जिस इलाके में शव पड़ा था, वहां दिन-रात आवाजाही रहती है, दुकानों में गार्ड तैनात रहते हैं और सुबह लोग मॉर्निंग वॉक पर निकलते हैं। इसके बावजूद 8 दिनों तक किसी की नजर शव पर नहीं पड़ी, जो कई सवाल खड़े करता है।
पुलिस का कहना
पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की गई है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।








