जितेंद्र पांडे सारंगढ़-बिलाईगढ़। ज़िले के सरसीवा तहसील से महज़ कुछ किलोमीटर दूर स्थित पिकरीपाली गांव की होनहार बेटी दीप्ति जांगड़े ने अपने परिश्रम, लगन और संघर्ष के बल पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दीप्ति ने NEET परीक्षा MBBS में 108वीं रैंक हासिल कर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय महासमुंद में स्थान प्राप्त किया है।
गांव और क्षेत्र में इस सफलता की ख़बर से खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ दीप्ति की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।
दीप्ति जांगड़े के माता-पिता ने अपनी बेटी की इस कामयाबी पर ख़ुशी जाहिर करते हुए गुरुजनों, क्षेत्रवासियों और सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।
सफलता पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए दीप्ति ने कहा
“यह उपलब्धि मुझे माता-पिता, बड़े भाई और गांववालों के आशीर्वाद से मिली है। मेरा सपना है कि एक अच्छा चिकित्सक बनकर ज़रूरतमंद और वंचित लोगों की सेवा करूं। मेरे परिवार ने हमेशा मुझे हौसला दिया और स्थानीय लोगों ने अपार स्नेह व आशीर्वाद दिया। मैं सभी के विश्वास को निभाने के लिए पूरी मेहनत करूंगी ताकि गरीब और असहाय लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।”
दीप्ति की इस सफलता से न केवल उनके परिवार का, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ा है। अब वे सिर्फ एक डॉक्टर बनने की राह पर नहीं हैं, बल्कि सैकड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ की बेटी दीप्ति जांगड़े ने रचा इतिहास, नीट MBBS परीक्षा में हासिल की 108वीं रैंक








