दल्लीराजहरा से अंकित टाटिया की रिपोर्ट..
बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद में पर्रकुलेशन टेंक का निरीक्षण करने पेवारी गांव पहुंची वन विभाग की टीम पर बड़ी संख्य में ग्रमाीणों ने हमला कर दिया. 50 से 60 की संख्या में ग्रामीणों ने लाठी-डंडे के साथ हमला किया, जिसमें चार वनकर्मी घायल हो गए हैं. वहीं हमले में 5-7 महिलाएं को भी चोटें आई है. टीम को जान बचाकर वहां से भागना पड़ा
जानकारी के अनुसार, डीप्टी रेंजर, वनपाल, दो फॉरेस्ट गार्ड की टीम डौंडी वन परिक्षेत्र अंतर्गत पेवारी कक्ष क्रमांक 156 में पर्रकुलेशन टैंक का निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस दौरान अचानक लगभग 50 से 60 की संख्या में ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से टीम पर हमला कर दिया. घटना के दौरान टीम के साथ ड्राइवर और दो चौकीदार भी मौजूद थे. हमले में चारों वनकर्मी घायल हो गए. ग्रमीणों ने कक्ष क्रमांक 156 में काम करने वाली 5-7 महिलाओं पर भी हमला किया. सभी ने भागकर अपनी जान बचाई.
घायलों को डौंडी स्वास्थ्य केंद्र में भेजा गया है. वहीं मामले में वन विभाग की ओर से डौंडी थाना में हमला करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है. वहीं ग्रमीण भी वनकर्मियों के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे, लेकिन कुछ देर बाद लौट गए.
घटना को लेकर डौंडी वन परिक्षेत्र के रेंज अफसर जीवन भोंडेकर ने बताया कि पेंवारी कक्ष क्रमांक 156 में पर्रकुलेशन टैंक का निरक्षण करने के लिए वन विभाग की टीम पहुंची थी. लेकिन इस बीच ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जिससे वनकर्मी घायल हो गए. फिलहाल हमला करने वालों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है.
बालोद डौंडी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कक्ष क्रमांक 156 (आरएफ), ग्राम पैवारी में रविवार सुबह एक गंभीर घटना सामने आई, जब वन विभाग की गश्ती टीम पर कुछ ग्रामीणों ने डंडों से हमला कर दिया। हमले में डिप्टी रेंजर एस.के. चंद्राकर, वन रक्षक जयचंद हिडको, हिरामन सिंह रावटे और गोपीराम साहू को चोटें आई हैं।
हमले से घायल वन कर्मी
वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा थाना डौंडी में दर्ज शिकायत के अनुसार, रविवार सुबह 7:30 बजे संवेदनशील क्षेत्र में गश्त के लिए विभाग की टीम निकली थी। गश्ती दल में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी समेत दो सुरक्षा श्रमिक और वाहन चालक भी शामिल थे। जब यह टीम कक्ष क्रमांक 156 पहुंची, तभी ग्राम पैवारी और कटरेल के छह ग्रामीणों — सोमनाथ, बेदूराम, अर्जुन सिंह, भोलाराम, तुलसीराम और तुलाराम ने अचानक टीम पर हमला कर दिया।
FIR में बताया गया है कि ग्रामीणों ने डंडों से मारपीट की, बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी दी। हमले के दौरान मौके पर मौजूद सभी वनकर्मी किसी तरह बचकर निकले और थाने में शिकायत दर्ज कराई।
घटना पश्च्यात पहुची पुलिस
थाना प्रभारी उमा ठाकुर ने बताया कि वन परिक्षेत्र अधिकारी के आवेदन पर छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है और मामले की जांच जारी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में वनभूमि अतिक्रमण को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बनी है, और मई माह में इसी को लेकर मीटिंग कर अतिक्रमण हटाया गया था, जिसके चलते यह हमला पूर्व नियोजित प्रतीत हो रहा है।








