डेढ़-दो साल से पानी की समस्या से जूझ रहे वार्डवासी, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव/केशकाल, नगर पंचायत केशकाल के वार्ड क्रमांक 13 और 15 में लंबे समय से जारी पेयजल संकट को लेकर वार्डवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर नागरिकों ने कलेक्टर सहित विधायक नीलकंठ टेकाम, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) केशकाल और नगर पंचायत प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। वार्डवासियों ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
डेढ़-दो साल से पेयजल समस्या, शिकायतों के बाद भी राहत नहीं
वार्डवासियों के अनुसार, दोनों वार्डों में पिछले डेढ़ से दो वर्षों से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस संबंध में पार्षदों और नगर पंचायत अध्यक्ष को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
नागरिकों का कहना है कि करीब आठ महीने पहले भी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी राहत नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
पेयजल आपूर्ति बहाल करने सहित तीन प्रमुख मांगें
सामूहिक ज्ञापन के माध्यम से वार्डवासियों ने पेयजल संकट दूर करने के लिए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
- बड़पारा टंकी से जलापूर्ति शुरू करने की मांग: क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी से तत्काल पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए।
- हैंडपंप में मोटर पंप और टंकी लगाने की मांग: बड़पारा चबूतरा के पास स्थित हैंडपंप में मोटर पंप लगाकर पानी की टंकी स्थापित की जाए।
- जलकर माफ करने की मांग: मार्च 2025 से अब तक की अवधि का जलकर माफ किया जाए। वार्डवासियों का तर्क है कि जब नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हुई, तो इस अवधि का जलकर वसूलना उचित नहीं है।
प्रभारी सीएमओ को पद से हटाने की मांग
वार्डवासियों ने नगर पंचायत केशकाल के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नामेश्वर कावड़े को पद से हटाने की मांग भी की है। उनका आरोप है कि पेयजल समस्या से बार-बार अवगत कराने और जनप्रतिनिधियों द्वारा पहल किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते नागरिकों को बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सात दिन में समाधान नहीं तो सड़क पर उतरेंगे वार्डवासी
वार्डवासियों ने कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने तथा पेयजल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सात दिनों के भीतर मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पंचायत प्रशासन और जिला प्रशासन वार्ड क्रमांक 13 और 15 के नागरिकों को पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।








