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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से रामजी नेताम बने आत्मनिर्भर उद्यमी

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मिनी राइस मिल स्थापित कर शुरू किया स्वरोजगार, दो स्थानीय लोगों को दिया रोजगार

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण युवा अपना व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी कोण्डागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम बागबेड़ा पारा, पलना निवासी रामजी नेताम की है, जिन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ लेकर मिनी राइस मिल स्थापित की और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया।

नौकरी की तलाश के बजाय स्वरोजगार को बनाया लक्ष्य

साधारण कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रामजी नेताम स्नातकोत्तर तक शिक्षित हैं। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी की तलाश करने के बजाय स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया। अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझते हुए उन्होंने पाया कि पलना क्षेत्र में आधुनिक मिनी राइस मिल की जरूरत है। इसी जरूरत को अवसर में बदलते हुए उन्होंने राइस मिल स्थापित करने की योजना बनाई।

6.30 लाख रुपये के ऋण से स्थापित की मिनी राइस मिल

रामजी नेताम ने अपने व्यवसाय को साकार करने के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, कोण्डागांव के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का लाभ लिया। योजना के अंतर्गत उन्होंने बैंक से 6.30 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया। उन्हें योजना के तहत 35 प्रतिशत अनुदान के रूप में 2.20 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई।

इस वित्तीय सहायता से उन्होंने अपनी मिनी राइस मिल स्थापित की और व्यवसाय का संचालन शुरू किया। शासकीय योजना से मिली सहायता ने उनके उद्यम को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दो वर्षों में 2 लाख रुपये का कारोबार

रामजी नेताम की मेहनत और लगन का परिणाम है कि महज दो वर्षों में उनका व्यवसाय लगभग 2 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल कर चुका है। उनकी मिनी राइस मिल क्षेत्र के किसानों की जरूरतों को पूरा करने में सहायक बन रही है। इससे स्थानीय स्तर पर कृषि आधारित सेवाओं की उपलब्धता भी बढ़ी है।

दो स्थानीय व्यक्तियों को मिला रोजगार

रामजी नेताम ने अपने व्यवसाय के माध्यम से स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान दिया है। उन्होंने अपनी मिनी राइस मिल में दो स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया है, जिससे उनकी आजीविका को भी सहारा मिला है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही शासकीय योजना

रामजी नेताम की सफलता यह दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, मेहनत और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला, जिससे उनके परिवार को आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है।

उनका प्रयास ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे उद्यम न केवल लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

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