ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के माननीय न्यायमूर्ति एवं कोण्डागांव जिला न्यायालय के पोर्टफोलियो जज श्री संजय कुमार जायसवाल ने 03 अक्टूबर 2026 को कोण्डागांव जिला न्यायालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालयीन अधोसंरचना, निर्माणाधीन भवनों और न्यायिक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की बैठक
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति श्री संजय कुमार जायसवाल ने जिला विश्राम भवन में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने न्यायालयीन अधोसंरचना से संबंधित कार्यों को निर्धारित समयावधि में योजनाबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
अधिवक्ताओं से संवाद कर जानी समस्याएं
न्यायालय के मीटिंग हॉल में न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं से मुलाकात कर न्यायालयीन कार्यों से संबंधित विभिन्न विषयों पर संवाद किया। अधिवक्ताओं ने अपनी समस्याओं एवं आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया। न्यायमूर्ति ने सभी विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना और आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की।
निर्माणाधीन आवास गृहों का किया निरीक्षण
इसके बाद न्यायमूर्ति श्री जायसवाल ने न्यायाधीशों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के लिए निर्माणाधीन आवास गृहों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की जानकारी ली।
नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन का अवलोकन
निरीक्षण के क्रम में निर्माणाधीन नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन का भी अवलोकन किया गया। न्यायमूर्ति ने भवन के निर्माण कार्य, न्यायालयीन कक्षों, विभिन्न सुविधाओं तथा भविष्य में न्यायिक कार्यों के लिए विकसित की जा रही अधोसंरचना का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेकर निर्माण कार्य को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
बेहतर न्यायिक व्यवस्था और सुविधाओं पर जोर
न्यायालय परिसर के निरीक्षण के दौरान वर्तमान व्यवस्थाओं के साथ भविष्य में विकसित की जा रही न्यायिक अधोसंरचना का भी जायजा लिया गया। न्यायमूर्ति ने न्यायालयीन व्यवस्थाओं को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने, न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के संबंध में भी दिशा-निर्देश प्रदान किए।
इस अवसर पर जिला न्यायालय कोण्डागांव के न्यायिक अधिकारीगण, समस्त अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित रहे।








