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व्यावसायिक प्रशिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर व DEO को सौंपा ज्ञापन

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव,शासकीय विद्यालयों में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर सोमवार को व्यावसायिक प्रशिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि, नियमित वार्षिक इंक्रीमेंट, सेवा सुरक्षा, लंबित मानदेय एवं एरियर्स का भुगतान तथा समान कार्य के लिए समान वेतन सहित कई मांगें प्रमुखता से रखीं।

विभागीय व्यवस्था में समायोजन और सेवा सुरक्षा की मांग

ज्ञापन के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षकों को विभागीय व्यवस्था में समायोजित कर सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। इसके साथ ही नवीन निविदा में पूर्व से कार्यरत प्रशिक्षकों को यथावत रखने और PAB 2026-27 के अनुसार स्वीकृत राशि का पूर्ण लाभ देने की मांग भी रखी गई।

लंबित भुगतान और सुविधाओं का मुद्दा उठाया

प्रतिनिधिमंडल ने लंबित मानदेय एवं एरियर्स के शीघ्र भुगतान के साथ-साथ लंबित इंडस्ट्रियल विजिट एवं गेस्ट लेक्चर की राशि का भुगतान करने की मांग की। प्रशिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से कार्य करने के बावजूद भुगतान और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का पूरी तरह समाधान नहीं हो पाया है।

स्पष्ट अवकाश नीति और रिक्त विद्यालयों में नियुक्ति

प्रशिक्षकों ने स्पष्ट अवकाश नीति लागू करने की मांग भी की। इसके अलावा ऐसे शासकीय विद्यालय, जहां वर्तमान में व्यावसायिक प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां प्रशिक्षकों की नियुक्ति एवं पदस्थापना किए जाने की मांग रखी गई।

रोजगारपरक शिक्षा में निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि व्यावसायिक प्रशिक्षक लंबे समय से शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित ट्रेडों का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल और रोजगार के लिए आवश्यक दक्षताएं विकसित करने में मदद मिल रही है।

मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद

संघ ने कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से सभी मांगों पर सकारात्मक एवं सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। प्रशिक्षकों ने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन, सम्मानजनक मानदेय और सेवा सुरक्षा उनकी प्रमुख आवश्यकताएं हैं। मांगों के समाधान से व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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