Buy Advt. Space

साक्षरता अभियान को मिलेगा नया आयाम, स्वतंत्रता दिवस पर कोण्डागांव में होगा ‘उल्लास महा चौपाल’

By

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांवकोण्डागांव, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलेभर में ‘उल्लास महा चौपाल’ का आयोजन किया जाएगा। ध्वजारोहण के बाद स्कूलों और ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘अंगूठे से कलम की ओर’ रखी गई है।

15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को साक्षर बनाने पर जोर

कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने जिले के सभी स्कूलों को 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत फेसबुक, व्हाट्सएप, अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, डिजिटल डिस्प्ले और प्रोजेक्टर सहित विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।

विद्यार्थी बनेंगे साक्षरता अभियान के ब्रांड एम्बेसडर

अभियान के तहत स्कूलों को ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है। विद्यार्थी अपने परिवार अथवा आसपास के कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनने के लिए प्रेरित करेंगे। छात्र, शिक्षक और नागरिक डिजिटल संकल्प लेकर कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लेंगे। इसके साथ ही इस संकल्प का लघु वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा।

पढ़ना-लिखना नहीं जानने वाले लोगों का पंजीयन उल्लास ऐप के माध्यम से कराया जाएगा। अभियान का संदेश “अंगूठे का निशान हटाएं, हर हाथ में कलम थमाएं” रखा गया है।

15 अगस्त को होंगी विभिन्न गतिविधियां

स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण के पश्चात जिलेभर में उल्लास शपथ, महा चौपाल, कहानियों का कारवां, मातृत्व साक्षरता, अंगूठा मुक्त पंचायत, डिजिटल साक्षरता एवं सेल्फी प्वाइंट जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा ‘अंगूठे से कलम तक’ सम्मान समारोह, साक्षरता रंगोली, नुक्कड़ नाटक, उल्लास की घंटी तथा शिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण सहित विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

साक्षर समाज की दिशा में सामूहिक पहल

‘उल्लास महा चौपाल’ के माध्यम से जिले में निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करने के साथ ही समाज के प्रत्येक वर्ग को साक्षरता अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक निरक्षर लोगों को साक्षर बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक के रूप में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है।

Leave a Comment