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कोंडागांव में उत्साह के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

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चौपाटी मैदान में हुआ भव्य आयोजन, बड़ी संख्या में शामिल हुए आदिवासी समाज के लोग

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांवकोंडागांव,विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित चौपाटी मैदान में भव्य सभा का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। आयोजन के दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत की झलक देखने को मिली।

शिक्षा के साथ संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर

कार्यक्रम में वक्ताओं ने आदिवासी समाज के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और नई पीढ़ी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया। साथ ही आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

विधायक लता उसेंडी ने दी विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं

कार्यक्रम में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी भी शामिल हुईं। उन्होंने आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है, लेकिन इसके साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग में पेसा कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और आने वाले समय में इसे पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे आदिवासी समाज के अधिकारों और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।

चौपाटी मैदान में बनेगा भव्य मंच और शेड

विधायक लता उसेंडी ने आदिवासी भवन के पास स्थित चौपाटी मैदान में शेड एवं भव्य मंच निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधाओं से सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा।

जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष गणेश राम दुग्गा ने कहा कि समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और पारंपरिक ज्ञान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।

संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आदिवासी समाज की परंपराओं, अधिकारों और विरासत को संरक्षित रखते हुए शिक्षा एवं विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

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