स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या
जालबांधा क्षेत्र के कई स्कूलों में आवारा कुत्तों के प्रवेश की समस्या बढ़ गई है। स्कूल परिसर में कुत्तों का घूमना न सिर्फ बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
बाउंड्री वॉल न होने से बढ़ रही परेशानी
स्कूलों में बाउंड्री वॉल की कमी सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है। कुत्ते गांव में घूमते-घूमते सीधे स्कूल तक पहुंच जाते हैं, जिससे बच्चे भयभीत रहते हैं और मध्यान भोजन पर भी खतरा बना रहता है।
शिक्षकों पर बढ़ा अतिरिक्त बोझ
शिक्षकों का कहना है कि वे पहले ही कई गैर-शैक्षणिक कामों में व्यस्त रहते हैं
- चुनाव ड्यूटी
- मतदाता सूची
- जनगणना कार्य
अब कुत्तों को भगाने की जिम्मेदारी भी उन पर आ गई है। इससे पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
शिक्षा विभाग की नई निर्देशिका
शिक्षा विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि स्कूल परिसर में आवारा कुत्ते दिखाई देने पर उन्हें तुरंत भगाने की कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें और मध्यान भोजन प्रभावित न हो।
प्राचार्य/प्रधानपाठक को तुरंत सूचित करने के निर्देश
यदि कुत्तों का झुंड स्कूल के आसपास दिखे तो
- पंचायत
- नगरीय निकाय (नगर निगम/पंचायत)
को तुरंत सूचना देना आवश्यक है, ताकि उचित कार्रवाई हो सके।
समाधान: बाउंड्री वॉल निर्माण की ज़रूरत
शिक्षकों और ग्रामीणों का मानना है कि स्कूल परिसर की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इससे न सिर्फ कुत्तों की समस्या कम होगी बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।








