कोण्डागांव से बन्नूराम यादव की रिपोर्ट
कोण्डागांव ! सिटी कोतवाली कोण्डागांव अंतर्गत नेशनल हाईवे 30 पर स्थित मसोरा टोल नाका के पास बीती रात हुए सड़क हादसे के बाद टोल प्लाज़ा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यदि टोल प्लाज़ा में क्रेन की सुविधा उपलब्ध होती, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। इस संबंध में स्वयं टोल प्रबंधक ने भी कमी स्वीकार की है।
जानकारी के अनुसार, बीती रात बीच हाईवे में खराब होकर खड़ी एक ट्रक से स्कॉर्पियो की भीषण टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि यह ट्रक टोल परिसर से लगे मार्ग पर ही खड़ा था। मृतकों के परिजन, बड़ेडोंगर क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य जयलाल नाग तथा स्थानीय निवासी विशाल शर्मा ने आरोप लगाया है कि टोल प्लाज़ा के पास सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है और कई स्थानों पर गड्ढे बने हुए हैं। इसके अलावा टोल प्रबंधन के पास क्रेन सहित कोई भी आपातकालीन वाहन उपलब्ध नहीं है। परिजनों का कहना है कि यदि टोल प्रबंधन के पास खराब वाहन हटाने की पर्याप्त सुविधा होती, तो ट्रक को तुरंत हटाया जा सकता था। ऐसा होने पर पाँच मासूम ज़िंदगियाँ शायद बच सकती थीं। लेकिन टोल प्रशासन ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने में विफल रहा।
उधर, टोल प्रबंधक आलोक पांडे ने बताया कि इस संबंध में एनएचएआई से कई बार क्रेन उपलब्ध कराने की मांग की गई है, लेकिन अब तक सुविधा प्रदान नहीं करवाई गई। उन्होंने कहा कि यदि क्रेन उपलब्ध होती, तो खराब ट्रक को मौके से हटाया जा सकता था और शायद यह हादसा टल सकता था।








