कोण्डागांव से बन्नूराम यादव की रिपोर्ट
कोण्डागांव:- दिनांक 18 नवम्बर 2025 जिला मुख्यालय कोण्डागांव जो बस्तर संभाग का हृदय स्थल है। जहा नगर के विकास नगर स्टेडियम में मूल छत्तीसगढ़िया सर्व गांड़ा समाज छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में एवं अंदकुरी गांड़ा समाज समन्वय समिति छत्तीसगढ़ आयोजनकर्ता के रूप में दिनांक 16 व 17 नवम्बर 2025 को बुढ़ादेव महोत्सव अपनी गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ । जिसमें छत्तीसगढ़ के 33 जिले से गांड़ा समाज के सदस्य लगभग 30 हजार की भीड़ के साथ कार्यक्रम में उपस्थित थे । स्टेडियम भरजाने के कारण लोग बाहर से भी कार्यक्रम में अपनी सम्मलित होने की सबुत दे रहे थे ।
आयोजकों से जब बुढ़ादेव महोत्सव के बारे में पुछा गया तो उन्होने बताया कि छत्तीसगढ़ के गांड़ा समाज घटक में बटा है, उसे एक मंच में लाने अर्थात गांड़ा समाज जो संगठित करना था । वही पर जनजातिय रूढ़ी-प्रथा, परम्परा, रिती-रिवाज, संस्कार, एवं संस्कृति को गांड़ा जाति के लोगों में उत्पती के साथ रचा-बसा है, जिसे लोंगो दिखाने और आने वाले पीढ़ी से उसे अपनाने के लिए प्रेरित करना मूल उदद्ेय था ।
प्रथम दिन दिनांक 16 नवम्बर 2025 को कोण्डागईन माता, हिंगलाजीन को शीतला को सर्व प्रथम उनके स्थान से स्वागत कर टाऊन हॉल पहुंचे जहां जिला उत्तर बस्तर कांकेर, जिला नारायणपुर, सामाजिक जिला भानुप्रतापपूर, जिला धमतरी, जिला कोण्डागांव से लगभग 40 देवी-देवताओं ढांग, डोली, आंगादेव उपस्थित रहें ।
जहां सबसे पहले बस्तर के माहाराजा श्रीमान कमलचंद भंजदेव जी का स्वागत किया । तदोपरांत समस्त देवी -देवताओं को स्वागत करते हुए, 100 मोहरीया, 20 जोड़ी नगाड़ा ओर 5 जोड़ी बाजे के साथ फटाके बजाते, उत्साह के साथ विकास नगर स्टेडियम कोण्डागांव में स्थापित कर पूजा सेवा किया गया । देव जात्रा कार्यक्रम रात्रि 8.00 बजे से प्रारंभ हुआ जिसमें क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद श्री भोजराज नाग जी, को खण्डा डोकरा सवार हुआ ओर लगभग 1.00 घण्टा खेला सारे देवी-देवता लगभग 11.30 बजे खेले, अंत में कोण्डागईन माता खेली ओर जात्रा सेवा को वही पर विराम दिया गया ।
दिनांक 17 नवम्बर 2025 को प्रांतः प्रभाती बाजा-गांजा ओर देव स्नान के पश्चात् सेवा पूजा किया गया ।
चुंकि कार्यक्रम 3.00 बजे होने के कारण मूल छत्तीसगढ़िया सर्व गांड़ा समाज का मंचीय कार्यक्रम शुरू हो गया, जिसमें समाज का ही नर्तक लोककला मंच एवं बादकों का कार्यक्रम किया गया । जिसमें बाजापार्टी एवं मोहरी वादन आर्कषण का केन्द्र था । कार्यक्रम स्थल में माननीय मुख्य मंत्री श्री विष्णुदेव साय जी, वन मंत्री एवं विधायक श्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, एवं सांसद व विधायकों का आगमन हुआ । जिसमें कम समय में ही कार्यक्रम को किया गया । मुख्य मंत्री के समक्ष समाज के मुख्या के द्वारा स्वांगत उद्दबोधन में एवं मांग पत्र दिया गया ।
तदोपरांत स्थानीय विधायक सुश्री लता उसेण्डी जी, के द्वारा उद्दबोधन एवं समाज का मांग पत्र प्रस्तुत किया गया, मुख्य मंत्री द्वारा समाज के लोगों के साथ बैठकर पूरा करने का वचन दिया गया । समाज के द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार माननीय मुख्य मंत्री जी के आने से पहले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष गोण्डवाना, गोंड महासभा, पूर्व विधायक श्री शीशुपाल सोरी जी, पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी, श्री तुलेश्वर मरकाम, विधायक पाली तानाखेड़ा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष गणतंत्र पार्टी एवं श्री भरत मटियारा जी अध्यक्ष मछुआ कल्याण बोर्ड छ.ग. राज्य मंत्री दर्जा, श्री गणेश परपच्ची जी, गोड़ी, हल्बी, कुरूक छत्तीसगढ़ लिपिशोधकर्ता, व श्री शेरसिंह आंचला जी, गोड़ी धर्मचार्य एवं समाज प्रमुखों को मंच में पहले ही उद्दबोधन करा दिया गया था ।
कार्यक्रम का सफल आयोजन के लिए अंदकुरी गांड़ा समाज समन्वय समिति छत्तीसगढ़ एवं मूल छतीसगढ़िया सर्व गांड़ा समाज छत्तीसगढ़ की ओर शासन-शासन एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जो कार्यक्रम में तन-मन ओर धन से सहयोग किये ह, उन्हे समाज सादर आभार व्यक्त करता है।
’’सम्मान समर्पित है सबकों, सद्भाव समर्पित करते है।
’’आये सभी अतिथियों को आभार समर्पित करते है।








