कोण्डागांव से बन्नूराम यादव की रिपोर्ट
महाविद्यालयीन छात्र- छात्राओं ने जाना नशा के दुष्प्रभाव और सीखा जीवन कौशल व्यवहार
कोण्डागांव ! कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आर. के. चतुर्वेदी जिला कोंडागांव के मार्गदर्शन में व जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डाॅ आर. के. चन्द्रवंशी एवं जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ सोनल ध्रुव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डाॅॅ भावना महलवार (रा.स्वा.मि.) के नेतृत्व में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के साइकेट्रिक नर्स श्री दिव्यांशु चौधरी और प्रभारी सोशल वर्कर वीरेंद्र केला के द्वारा शासकीय गुंडाधुर महाविद्यालय कोंडागांव में महाविद्यालयीन छात्र – छात्राओं को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत तंबाकू मुक्त युवा 3.0 एवं नशा मुक्त भारत अभियान के तहत तंबाकू के सेवन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों एवं साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दिया गया साथ ही लाइफ स्किल प्रशिक्षण कार्यशाला विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बताया गया।
लाइफ स्किल क्या है
लाइफ स्किल ऐसी क्षमताएं व्यवहार और दृष्टिकोण है जो किसी व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में चुनौतियों का सामना करने, समस्याओं का समाधान करने और सकारात्मक ढंग से जीवन जीने में सहायक होती है। ये कौशल व्यक्ति की मानसिक सामाजिक और भावनात्मक क्षमताओं को सुदृढ़ बनाते हैं जिससे वह अपने जीवन में आत्मविश्वास से भरे और समाज में एक जिम्मेदार जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जीवन कौशल वह कौशल है जो व्यक्ति को अपनी सोच और व्यवहार को सही दिशा में विकसित करने में मदद करता है जिससे वह स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सके साथ ही स्वस्थ- जीवन शैली अपने जीवन में अपना सकें।
जीवन कौशल का महत्व
जीवन कौशल का महत्व आज के समाज में अत्यधिक है क्योंकि यह व्यक्ति के समग्र विकास में सहायक होता है आज के युग में जब हर व्यक्ति को अलग-अलग प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है ऐसे में जीवन कौशल व्यक्ति को उन चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करते हैं,
जीवन कौशल से व्यक्तिगत विकास और आत्मविश्वास का निर्माण सकारात्मक सोच और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करने की क्षमता, समाज के साथ तालमेल की क्षमता प्रभावी संवाद और अभिव्यक्ति की क्षमता का निर्माण करता है, इसके साथ-साथ जीवन कौशल तनावपूर्ण परिस्थितियों से निपटना की क्षमता नौकरी और पेशेवर जीवन में सफलता सकारात्मक संबंधों का निर्माण है दैनिक जीवन के निर्णय लेने की क्षमता आत्म जागरूकता और आत्म प्रेरणा विकसित करने में मदद करता है। जीवन कौशल शिक्षा का माध्यम है जो व्यक्तियों को उनके जीवन के कठिनाइयों से निपटने के लिए सशक्त बनाता है।








