पितेश्वर हरपाल गरियाबंद। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर शुक्रवार को गरियाबंद जिले में प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के तीन सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इनमें डीजीएन डिवीजन के सक्रिय सदस्य नागेश उर्फ रामा कवासी, जैनी उर्फ देवे मडकम और मनीला उर्फ सुंदरी कवासी शामिल हैं। तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पित नक्सलियों में नागेश उर्फ रामा कवासी बीजापुर जिले का रहने वाला है और डीव्हीसी-डमरू के गार्ड के रूप में कार्यरत था। वह धमतरी के एकावरी और गरियाबंद के मेटाल मुठभेड़ों जैसी कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा। जैनी उर्फ देवे मडकम भी बीजापुर जिले की निवासी है और ओडिशा स्टेट कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पाण्डु की गार्ड रही। वह 2017 से संगठन में सक्रिय थी और कई मुठभेड़ों में भाग ले चुकी थी। वहीं मनीला उर्फ सुंदरी कवासी, सीनापाली एरिया कमेटी की सदस्य थी और कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों में शामिल रही।
आत्मसमर्पण के दौरान तीनों ने बताया कि माओवादी अब अपनी विचारधारा से भटक चुके हैं। वे निर्दोष ग्रामीणों की हत्या, अवैध वसूली, युवाओं का शोषण और विकास कार्यों में बाधा डालने जैसे कृत्यों में लिप्त हैं। शासन की आत्मसमर्पण नीति, पुनर्वास योजनाओं, रोजगार और आवास की सुविधाओं से प्रभावित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
इस आत्मसमर्पण अभियान में गरियाबंद पुलिस की E-30 टीम, STF, कोबरा 207 और CRPF की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि जिले में सक्रिय अन्य माओवादियों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने के इच्छुक नक्सली गरियाबंद के किसी भी थाना या कैम्प में आकर समर्पण कर सकते हैं या नक्सल सेल गरियाबंद के नंबर 94792-27805 पर संपर्क कर सकते हैं।
“गरियाबंद में तीन लाख ईनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण”








