रायगढ़। छत्तीसगढ़ में इंसानों और हाथियों का टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार, 13 सितंबर की रात रायगढ़ और कोरबा जिलों में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान जहां फसलें चौपट हो गईं, मकान और वाहन क्षतिग्रस्त हुए, वहीं कई ग्रामीणों की जान पर भी बन आई।
कोरबा में ग्रामीणों पर हमला
कोरबा जिले के पसान बस्ती में हाथियों का झुंड रात के समय पहुंचा। उन्होंने घरों की दीवारें तोड़ डालीं, दुकानों के शटर उखाड़ दिए और बाइक व कारों के शीशे चकनाचूर कर दिए। ग्रामीण जब इस घटना का वीडियो बना रहे थे, तभी हाथी ने उन्हें दौड़ा लिया। अचानक हुए हमले से लोग दहशत में आ गए और किसी तरह जान बचाकर भागे।
रायगढ़ में 170 हाथियों का दल
रायगढ़ जिले की स्थिति और भी गंभीर है। यहां के धरमजयगढ़ और रायगढ़ वन मंडल में इस समय करीब 170 हाथियों का दल मौजूद है। इनमें 153 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल में और 17 हाथी रायगढ़ वन मंडल में देखे गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इनमें 49 नर, 73 मादा और 48 शावक शामिल हैं।
खेतों में भारी नुकसान
धरमजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा परिक्षेत्र के सागरपाली गांव में शुक्रवार रात हाथियों ने 6 किसानों की धान की फसल रौंद डाली। इसी दौरान एक ग्रामीण पवन राठिया हाथी के पैर के नीचे आने से बाल-बाल बचा। उसे गश्ती दल और हाथी मित्र टीम ने समय पर हूटर बजाकर बचा लिया और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं, बाकरूमा रेंज के रैरूमा गांव में हाथियों ने 5 किसानों की धान और टमाटर की फसल चौपट कर दी। इसके अलावा एक मकान की दीवार ढहा दी। छाल के लोटान और पुरूंगा गांव में भी किसानों को नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों की सतर्कता और वनकर्मियों की मुस्तैदी
देउरमार गांव में शनिवार रात हाथियों का झुंड पहुंचा तो ग्रामीणों ने शोर मचाकर उन्हें भगाने की कोशिश की। तभी एक हाथी उग्र होकर भीड़ की ओर दौड़ा। इसी अफरा-तफरी में पवन कुमार राठिया जमीन पर गिर पड़ा और हाथी उसके करीब पहुंच गया। गश्त टीम की तत्परता से उसकी जान बच सकी।
वन विभाग के हाथी मित्र दल और वनकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं। रात के समय झगरपुर रोड पर भी हाथियों को सुरक्षित क्रॉस कराया गया ताकि हादसा न हो।
अधिकारियों का बयान
लैलूंगा सब डिवीजन के SDO मकरलाल सिदार ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पीड़ित किसानों को सहायता दी जाएगी। विभाग ने गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस बीच, सूरजपुर जिले के तमोर पिंगला एलीफेंट रिजर्व से एक बेबी एलीफेंट का कीचड़ में खेलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। एक ओर जहां यह दृश्य लोगों को आकर्षित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ते हाथी-मानव संघर्ष ने चिंताएं गहरा दी हैं।
ग्रामीणों में दहशत
लगातार बढ़ रहे हाथियों के दल और बार-बार हो रहे हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं। खेती-बाड़ी पर ही निर्भर किसानों की फसलें चौपट हो रही हैं और घर-मकान भी नुकसान झेल रहे हैं। वन विभाग और प्रशासन के लिए यह चुनौती अब और गंभीर हो चुकी है।
रायगढ़-कोरबा में हाथियों का उत्पात, फसलें चौपट – ग्रामीण दहशत में








