पीतेश्वर हरपाल गरियाबंद । कलेक्टर बी.एस. उइके के निर्देश पर जिले के सभी राजस्व अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के शासकीय स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता, स्वच्छता और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु
शिक्षकों की उपस्थिति: रजिस्टर देखकर नियमितता की जांच।
बच्चों से संवाद: पाठ्यक्रम की समझ, कक्षा गतिविधियों, यूनिफॉर्म और किताबों की उपलब्धता पर सवाल-जवाब।
सुविधाओं का जायजा: स्कूल परिसर की साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल की उपलब्धता की जांच।
मध्यान्ह भोजन: कई जगह अधिकारियों ने खुद भोजन का स्वाद चखकर गुणवत्ता परख की।
बच्चों को प्रेरणा
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को स्वच्छता बनाए रखने, समय पर भोजन करने और नियमित रूप से विद्यालय आने की सीख दी। साथ ही प्रधानपाठक एवं शिक्षकों को विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
मिली कमियां और सख्त निर्देश
निरीक्षण में कुछ स्कूलों में खामियां पाई गईं। अधिकारियों ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर प्रकाश राजपूत ने कहा –
“गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। कमियों को शीघ्र दूर किया जाएगा।”
गरियाबंद: कलेक्टर निर्देश पर स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण, गुणवत्ता सुधार पर जोर








