रिसाली। नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 1 से 40 तक आवारा कुत्तों और मवेशियों की बढ़ती संख्या अब आम नागरिकों के लिए एक गंभीर संकट बन चुकी है। दिन-ब-दिन इनकी बढ़ती आबादी से नागरिकों का सड़कों पर निकलना भी दूभर होता जा रहा है।
नगरवासियों ने बताया कि जगह-जगह झुंड में घूमते आवारा कुत्ते न केवल बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बन रहे हैं, बल्कि कुत्तों के काटने की घटनाएं भी अब आम हो गई हैं। निगम प्रशासन को कई बार इस विषय में अवगत कराया गया है, लेकिन ठोस कार्यवाही न होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वहीं दूसरी ओर, सड़कों पर बैठे और घूमते आवारा मवेशी भी रोज़ाना दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। खासकर व्यस्त समय — शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच — मुख्य मार्गों पर इन मवेशियों की उपस्थिति के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार इन मवेशियों की वजह से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम द्वारा आवारा मवेशियों को पकड़ने की प्रक्रिया तो चल रही है, लेकिन इसका समय बदलकर शाम के व्यस्त समय में किया जाना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
इस मामले का संज्ञान देते हुए पार्षद वार्ड क्रमांक 31 शैलेंद्र कुमार साहू ने आयुक्त महोदय मोनिका वर्मा को होने वाली तकलीफों से अवगत कराया अब सवाल ये उठता है कि क्या निगम प्रशासन इन दो अहम जनसमस्याओं को लेकर ठोस और समयबद्ध कार्यवाही करेगा? या फिर आम नागरिक यूं ही खतरों के साए में जीवन जीते रहेंगे?








