अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ – भिलाई से संचालित हो रहा था ऑनलाइन क्राइम सेंटर
भिलाई! छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सुपेला थाना पुलिस ने नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 7 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं।
इस गिरोह का सरगना अर्जुन शर्मा, फरीदाबाद (हरियाणा) का निवासी है, जो अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को ऑनलाइन वायरस भेजकर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
कैसे देते थे ठगी को अंजाम:
गिरोह ने भिलाई के चौहान टाउन में फर्जी कॉल सेंटर खोल रखा था।
फर्जी ई-सिम और अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर का उपयोग कर अमेरिका व कनाडा के कंप्यूटरों में वायरस भेजे जाते थे।
वायरस हटाने के नाम पर कॉल कर पीड़ितों से 80 से 200 डॉलर तक की ठगी की जाती थी।
भुगतान क्रिप्टो करेंसी और ई-वॉलेट के ज़रिए किया जाता था।
टेलीग्राम ऐप के माध्यम से इस गिरोह की आंतरिक बातचीत होती थी।
भारत में हवाला के माध्यम से ठगी की राशि भारतीय मुद्रा में बदलकर सरगना अर्जुन शर्मा तक पहुंचाई जाती थी।
पुलिस कार्रवाई का ब्यौरा:
5 जुलाई 2025 को मुखबिर से सूचना मिलने पर चौहान टाउन B/2 में दबिश दी गई, जहाँ से 6 पुरुष और 2 महिलाओं को रंगे हाथ पकड़ा गया। मुख्य आरोपी अर्जुन शर्मा होटल बेल में रूका हुआ था, जिसे भी हिरासत में लिया गया।
जब्त सामान:
12 लैपटॉप
14 मोबाइल फोन
3 वाई-फाई राउटर
दस्तावेज: आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड
₹2,55,000 नकद
एक होंडा एक्टिवा (कीमत ₹3.38 लाख सहित)
कुल बरामद सामग्री की कीमत लगभग ₹13 लाख
गिरफ्तार आरोपी:
1. संतोष थापा – शिलॉंग, मेघालय
2. मुकेश नाथ – शिलॉंग, मेघालय
3. विवेक देव – शिलॉंग, मेघालय
4. विशाल कर – शिलॉंग, मेघालय
5. अनिश आर्यन – भागलपुर, बिहार
6. अर्जुन शर्मा – फरीदाबाद, हरियाणा (मुख्य सरगना)
7. अमित कुमार सिंह – दिल्ली
8. पियाली देव – शिलॉंग, मेघालय
9. रिया राय – भिलाई, छत्तीसगढ़
कानूनी धाराएं:
इस मामले में अपराध क्रमांक 783/2025 धारा 319(2), 318(4), 336(3), 61(2) BNS, 66(D) IT Act, 42(2) T.C. Act, 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस कहती है:
“मुख्य आरोपी अर्जुन शर्मा से पूछताछ जारी है। इस गिरोह के तार देश के अन्य हिस्सों से भी जुड़े हो सकते हैं। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।”
निष्कर्ष:
यह केस दर्शाता है कि साइबर क्राइम की सीमाएं अब सिर्फ देश तक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल चुकी हैं। भिलाई से बैठे-बैठे अमेरिका तक को निशाना बनाया जा रहा था। सुपेला पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े नेटवर्क को समय रहते धराशायी किया है।








