भिलाई ! द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), भिलाई स्थानीय केंद्र द्वारा इंस्टीट्यूशन ऑफ प्लांट इंजीनियर्स (आईआईपीई), छत्तीसगढ़ चैप्टर के सहयोग से “एआई इन मेटलर्जिकल इंडस्ट्रीज़” विषय पर एक दिवसीय तकनीकी व्याख्यान का आयोजन इंजीनियर भवन, सिविक सेंटर, भिलाई में किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री प्रणय कुमार, मुख्य महाप्रबंधक, सेट, सेल/भिलाई इस्पात संयंत्र थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुभाष गांगुली, विभागाध्यक्ष एवं सह प्राध्यापक, धातुकर्म एवं सामग्री इंजीनियरिंग, एनआईटी रायपुर, तथा अतिथि वक्ता के रूप में श्री एस. पी. राजकुमार, वरिष्ठ प्रबंधक (एंडी), सेल/भिलाई उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), भिलाई केंद्र के चेयरमैन श्री पुनीत चौबे ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के मानसेवी सचिव श्री बसंत साहू के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि आज के औद्योगिक परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक अनिवार्य तकनीक बन चुकी है। उन्होंने इस कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मेटलर्जिकल इंडस्ट्रीज़ में एआई के अनुप्रयोग से परिचालन दक्षता, उत्पादकता और पर्यावरणीय संतुलन जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुधार संभव है।
मुख्य अतिथि श्री प्रणय कुमार ने अपने संबोधन में एआई की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से लेकर वर्तमान औद्योगिक क्रांति तक की यात्रा का सारगर्भित वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र में जनरेटिव एआई का सफल प्रयोग लगभग 60 परियोजनाओं में किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों को परामर्श दिया कि मूल विषयों की गहन समझ के साथ-साथ एआई व चैट जीपीटी जैसे उपकरणों का उपयोग ज्ञान को समृद्ध करने के लिए करें।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सुभाष गांगुली ने “स्टील माइक्रो-स्ट्रक्चर” विषय पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि प्रत्येक धातु की संरचना ही उसकी विशेषताओं का निर्धारण करती है। उन्होंने बताया कि माइक्रो-स्ट्रक्चर की परिष्कृत समझ से न केवल लागत में कटौती की जा सकती है बल्कि संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरणीय सुधार भी संभव है।
श्री एस. पी. राजकुमार ने “जनरेटिव एआई इन स्टील इंडस्ट्रीज़” पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने एआई, डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) जैसी आधुनिक तकनीकों की भूमिका तथा भारत सरकार द्वारा आरंभ किए गए ₹10,000 करोड़ के राष्ट्रीय एआई मिशन की जानकारी दी। उन्होंने आगाह किया कि व्यक्तिगत व गोपनीय जानकारी को ओपन-सोर्स एआई प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन श्री आलोक सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन आईआईपीई के सचिव श्री पी. के. नियोगी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर संस्था के पूर्व चेयरमैन श्री शिखर तिवारी, आईआईपीई छत्तीसगढ़ चैप्टर के उपाध्यक्ष श्री बी. पी. यादव, इंजीनियरिंग उद्योगों के अधिकारी, सेल/भिलाई के प्रतिनिधि, निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ एवं भिलाई-दुर्ग के विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भिलाई में “एआई इन मेटलर्जिकल इंडस्ट्रीज़” विषय पर तकनीकी व्याख्यान संपन्न








