Buy Advt. Space

ज़हरीला कफ सिरप : बच्चों की मौत, सरकार सख्त, कंपनियों पर शिकंजा

By

तमिलनाडु की जांच में बड़ा खुलासा
तमिलनाडु ड्रग डिपार्टमेंट की जांच में सामने आया कि कांचीपुरम की श्रीसन फार्मास्यूटिकल यूनिट में बने कोल्ड्रिफ कफ सिरप में 48.6% डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) मौजूद है। यह एक जहरीला केमिकल है जो किडनी को नुकसान पहुंचाता है।
चेन्नई की सरकारी ड्रग टेस्टिंग लैब ने इस सिरप को “Not of Standard Quality” करार दिया।

  • एमपी में बच्चों की मौत का सिलसिला
  • छिंदवाड़ा जिले में 11 बच्चों की मौत की पुष्टि।
  • पीड़ित बच्चों की उम्र: 1 से 5 साल।
  • पहला संदिग्ध मामला: 24 अगस्त।
  • पहली मौत: 7 सितंबर।
  • वजह: किडनी फेल होना।
  • CM मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा देने की घोषणा की।



राजस्थान में दूसरी दवा बनी जानलेवा

  • भरतपुर, सीकर और चूरू में 3 बच्चों की मौत।
  • मौत की वजह: Dextromethorphan hydrobromide syrup IP (केसंस फार्मा द्वारा निर्मित)

राजस्थान सरकार की कार्रवाई

  • 19 दवाओं पर बैन।
  • ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा सस्पेंड।

केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग हुई।

19 दवा कंपनियों की स्पेशल जांच होगी।

राज्यों के बीच जानकारी और सहयोग बढ़ाने का निर्णय।

CDSCO श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स पर सख्त कार्रवाई करेगा।

तमिलनाडु FDA को भी रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

तमिलनाडु सरकार की त्वरित कार्रवाई

पूरे राज्य में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर रोक।
थोक और रिटेल दुकानों में स्टॉक फ्रीज।
स्टॉप प्रोडक्शन ऑर्डर जारी।
कंपनी को शो-कॉज नोटिस भेजा गया और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू।

केंद्र की एडवाइजरी : बच्चों को खतरा

स्वास्थ्य मंत्रालय और DGHS ने चेताया:

2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप बिल्कुल न दें।

5 साल से छोटे बच्चों को दवा बेहद सावधानी से दी जाए।

सिरप का इस्तेमाल कम समय और डॉक्टर की निगरानी में ही करें।

एक साथ कई दवाओं के साथ कफ सिरप न दिया जाए।

असली समस्या कहाँ है?

असली समस्या कहाँ है?

1. घटिया कच्चे माल का इस्तेमाल।

2. जांच तंत्र की कमजोरियां।

3. कंपनियों और इंस्पेक्टर्स के बीच मिलीभगत।

भारत की साख पर असर

पहले भी गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में भारतीय सिरप से बच्चों की मौत हुई थी।
WHO ने भारत को चेताया है कि घटिया दवाओं से देश की इंटरनेशनल साख खतरे में है।

जनता के लिए संदेश

बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह कफ सिरप न दें।

खांसी-जुकाम में घरेलू देखभाल और डॉक्टर की राय सबसे सुरक्षित है।

दवा खरीदते समय कंपनी और बैच नंबर चेक करें।

एक जहरीले कफ सिरप ने मासूम जिंदगियां छीन लीं। सरकार जांच और कार्रवाई में जुटी है, लेकिन असली सवाल यही है – क्या दवा कंपनियों की लापरवाही और सिस्टम की कमजोरी तब तक जारी रहेगी जब तक और मासूमों की जान नहीं जाएगी?

Leave a Comment