ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, , भारत सरकार द्वारा आयोजित सुजल ग्राम संवाद के तृतीय चरण में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से कोंडागांव जिले की ग्राम पंचायत साल्हेभाट ने प्रतिनिधित्व किया।
देशभर के राज्यों की रही सहभागिता
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस संवाद में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, दादर एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव तथा लक्षद्वीप के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
पेयजल व्यवस्था और सकारात्मक बदलावों पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक द्वारा ग्राम पंचायत साल्हेभाट के प्रतिनिधियों से गांव में पेयजल की उपलब्धता, जल जीवन मिशन से ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों तथा जल वहिनियों द्वारा एफटीके (FTK) के माध्यम से जल परीक्षण एवं नमूना जांच की प्रक्रिया पर चर्चा की गई।
शुल्क निर्धारण और संधारण व्यवस्था पर विचार-विमर्श
संवाद में ग्रामवासियों द्वारा पेयजल आपूर्ति हेतु मासिक शुल्क निर्धारण, योजना के संचालन एवं संधारण (मेंटेनेंस) की व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
कलेक्टर ने जताई समयबद्ध पूर्णता की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर जिला कार्यालय में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर कोंडागांव श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने जिले में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने जल सेवा आकलन एवं जल अर्पण दिवस को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
जल स्रोत संरक्षण की कार्ययोजना प्रस्तुत
कार्यक्रम के अंत में जेरेना/GRAMG द्वारा पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु तैयार की गई कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। वहीं, मिशन संचालक जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ शासन श्री जितेन्द्र शुक्ला ने राज्य स्तर पर योजना की प्रगति से अवगत कराया।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में कोंडागांव जिले से कार्यपालन अभियंता श्री वीरेन्द्र पाण्डेय, सहायक अभियंता श्री सोनवानी एवं श्री जोशी, जिला समन्वयक श्री महादेव यदु एवं श्री मिथिलेश साहू, उप-अभियंता श्री टोप्पो, कुमारी निभा काराम, ग्राम पंचायत साल्हेभाट की सरपंच श्रीमती अंजू नेताम, सचिव श्री जवाहर नरेटी, श्री उत्तम सलाम, श्री तुलेश नेताम सहित 20 अन्य ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








