गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ओडिशा से आई बार बालाओं के अर्धनग्न नृत्य के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस देखने, बार बालाओं पर नोट उड़ाने और ठुमके लगाने के आरोप में मैनपुर के एसडीएम तुलसीदास मरकाम को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अपर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे द्वारा की गई है।
सोशल मीडिया वीडियो बने कार्रवाई की वजह
एसडीएम से जुड़े कई आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें वे अश्लील डांस का आनंद लेते, बार बालाओं के साथ झूमते और पैसे उड़ाते हुए नजर आ रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में मामला सुर्खियों में आ गया, जिसके बाद शासन ने जांच के आदेश दिए थे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की आड़ में अश्लीलता
पूरा मामला मैनपुर विकासखंड के रुमाल गांव का है, जहां ओपेरा और सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर आयोजन की अनुमति ली गई थी। लेकिन कार्यक्रम शुरू होते ही यह अश्लील नृत्य और फूहड़ मनोरंजन में बदल गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस आयोजन की अनुमति स्वयं एसडीएम तुलसीदास मरकाम ने दी थी।
पहले से संदिग्ध थी आयोजन की प्रकृति
निलंबन आदेश के अनुसार, कार्यक्रम से पहले ही सोशल मीडिया पर बार बालाओं द्वारा वीडियो और पोस्ट के जरिए दर्शकों को आमंत्रित किया जा रहा था, जिससे आयोजन की प्रकृति पहले से ही संदिग्ध थी। इसके बावजूद अनुमति दी गई और कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक निगरानी भी नदारद रही।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
वायरल वीडियो में दर्शकों द्वारा खुलेआम नोट उड़ाते हुए देखा गया। कुछ वीडियो में पुलिसकर्मी भी अशोभनीय हरकतें करते नजर आए, जिससे पुलिस विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहले अटैच, अब सस्पेंड
वीडियो वायरल होने के बाद पहले एसडीएम को गरियाबंद कलेक्ट्रेट में अटैच किया गया था, लेकिन जन आक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अपर्याप्त माना गया। अंततः रायपुर संभाग आयुक्त ने जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया।
प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी पद पर रहते हुए सामाजिक मर्यादा और कानून व्यवस्था से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








