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कोंडागांव में सर्व आदिवासी समाज बैठक, पारम्परिक ग्राम सभा पालन पर जोर

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव । गोण्डवाना समाज भवन, कोण्डागांव में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज जिला कोण्डागांव (पंजीयन क्रमांक 4230/2013) द्वारा 24 जनवरी को सम्भाग स्तरीय विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बस्तर सम्भाग के विभिन्न जिलों से समाज के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।

वरिष्ठ पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

बैठक में पूर्व विधायक बीजापुर एवं प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजा राम तोड़ेम, संरक्षक पूर्व आईएएस बी.आर. ठाकुर, प्रदेश कोषाध्यक्ष फूलसिंह नेताम, प्रदेश महासचिव एम.आर. ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष देवलाल दुग्गा, सी.पी. ठाकुर, बस्तर जिला अध्यक्ष दशरथ कश्यप, जिला अध्यक्ष राकेश मंडावी, जिला अध्यक्ष कोण्डागांव पनकू राम नेताम सहित सम्भाग के अन्य जिलों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

स्थायी सभापति नियुक्ति में ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य – राजा राम तोड़ेम

बैठक को संबोधित करते हुए श्री राजा राम तोड़ेम ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य बस्तर सम्भाग में पांचवीं अनुसूची एवं पेसा कानून लागू है। ऐसे में ग्राम पंचायतों में पारम्परिक ग्राम सभाओं का विधिवत आयोजन कर ग्रामीणजनों की सर्वसम्मति से स्थायी सभापतियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन अथवा कुछ चुनिंदा जनप्रतिनिधियों की राय से सभापति मनोनीत करना गलत है।

ग्राम सभा प्रस्ताव के आधार पर हो विकास कार्य

उन्होंने कहा कि पारम्परिक ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की सहमति से पारित प्रस्तावों के आधार पर ही ग्राम की समस्याओं का समाधान एवं विकास कार्य किए जाने चाहिए, जिससे वास्तविक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।

किसानों की समस्याओं पर रखी गई प्रमुख मांगें

बैठक में यह भी मांग की गई कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण पंजीयन से वंचित रह गए आदिवासी किसानों का धान खरीदा जाए तथा धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई जाए।
साथ ही जिले के सभी किसानों से इथेनॉल प्लांट में मक्का समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने की मांग रखी गई।

धर्मांतरित मामलों और सामाजिक परंपराओं पर भी हुई चर्चा

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि गांवों में उन्हीं धर्मांतरित व्यक्तियों के शवों के क्रियाकर्म की अनुमति दी जाएगी, जो आदिवासी परंपरा के अनुसार क्रियाकर्म करने एवं समाज में वापस लौटने को तैयार होंगे। अन्यथा ऐसे मामलों में क्रियाकर्म निर्धारित कब्रिस्तान में ही किया जाएगा।

आदिवासी युवती के सेवा समाप्ति मामले में जांच का आश्वासन

बैठक में एक आदिवासी युवती द्वारा एएनएम पद से विधिविरुद्ध तरीके से सेवा से मुक्त किए जाने का मामला भी सामने आया। समाज ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

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