पितेश्वर हरपाल राजिम/गरियाबंद। नगर पंचायत राजिम में करोड़ों रुपए की लागत से निर्माणाधीन नई जल टंकी प्रोजेक्ट पर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से बिजली चोरी कर मशीनें चलाने का मामला सामने आया है। सूचना के आधार पर विद्युत विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए चोरी में उपयोग की जा रही सामग्री जब्त कर ली तथा ठेकेदार को चलानी नोटिस जारी किया जा रहा है।
पोल से सीधे हुकिंग कर चलाई जा रही थी मशीनें
जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 14 में जल टंकी निर्माण के दौरान ठेकेदार ने खंभे से सीधे विद्युत कनेक्शन खींचकर मशीनें संचालित कीं। यह अवैध कार्य एक महीने से अधिक समय से चल रहा था। शिकायत मिलने पर विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर रोकथाम की।
नागरिक सूचना पटल भी नहीं लगाया, पारदर्शिता पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ठेकेदार ने वैधानिक नागरिक सूचना पटल भी नहीं लगाया, जिससे प्रोजेक्ट की पारदर्शिता संदिग्ध बन रही है।
लोगों का यह भी कहना है कि
“नगर पंचायत इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत के बिना इतने बड़े लेवल पर बिजली चोरी संभव नहीं।”
विभाग ने की जप्ती, जारी होगा नोटिस
सहायक अभियंता धर्मेंद्र साहू के अनुसार


🔹 5380 वाट की बिजली चोरी पकड़ी गई
🔹 राड कटर, तार सहित सामग्री जप्त
🔹 ठेकेदार को चलानी नोटिस जारी होगा
🔹 आगे अस्थायी कनेक्शन लेकर ही कार्य करने की हिदायत
नगर पंचायत अध्यक्ष बोले दोषियों पर होगी कार्रवाई
नगर पंचायत अध्यक्ष महेश यादव ने कहा
“मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से हुई। ठेकेदार को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गलत तरीके से कार्य नहीं होने दिया जाएगा।”
जनता पर पड़ता है बिजली चोरी का बोझ
बिजली चोरी का वित्तीय बोझ ईमानदारी से बिल भरने वाले आम नागरिकों पर डाला जाता है। विभाग नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं से ही वसूल करता है, जिससे जनता पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है।
अब बड़े सवाल जांच होगी या फाइलों में दफ्न होगा मामला?
महीनों से चल रही चोरी पर इंजीनियर का ध्यान क्यों नहीं गया?
क्या नगर पंचायत और ठेकेदार की मिलीभगत?
क्या होगी उच्च स्तरीय जांच?
क्या दोषियों पर कठोर कार्रवाई तय होगी?
यह मामला अब पारदर्शिता, प्रशासनिक जिम्मेदारी और सरकारी कार्यों की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्न खड़ा कर रहा है।








