ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । विकासखण्ड केशकाल अंतर्गत लिमदरहा–खालेमुरवेण्ड, मिड-वे राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के सामने अधूरे पुलिया निर्माण एवं गड्ढों से भरी सड़क की स्थिति को लेकर अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), कोण्डागांव ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
पूर्व में कई बार भेजे जा चुके हैं ज्ञापन
उक्त मार्ग के रखरखाव एवं मरम्मत को लेकर संबंधित विभाग को पूर्व में लगातार ज्ञापन प्रेषित किए जा चुके हैं, इसके बावजूद अब तक न तो सड़क की मरम्मत की गई है और न ही अधूरे पुलिया निर्माण को पूर्ण किया गया है, जो जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत चिंताजनक है।
सुरक्षित सड़क नागरिकों का मौलिक अधिकार
अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद-21 के अंतर्गत सुरक्षित एवं वाहन-योग्य सड़क पर आवागमन का अधिकार जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को सुरक्षित यात्रा का अधिकार प्राप्त है।
लापरवाही जनहित के विरुद्ध
लंबे समय तक अधूरे पुलिया निर्माण एवं गड्ढों से युक्त सड़क को उसी स्थिति में छोड़ना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह आम नागरिकों की जान के लिए भी खतरा बन सकता है और संभावित दुर्घटनाओं को आमंत्रण देता है।
कार्यपालन अभियंता को कार्रवाई के निर्देश
उक्त स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोण्डागांव ने कार्यपालन अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग, कोण्डागांव को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया है। इसके तहत अधूरे पुलिया निर्माण को शीघ्र पूर्ण कराने, सड़क पर मौजूद गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने तथा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित एवं वाहन-योग्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्घटनाओं से बचाव पर विशेष जोर
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और आम जनता को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।








