पितेश्वर हरपाल गरियाबंद। जिले के नहरागांव में सोमवार सुबह घने कोहरे और सन्नाटे ने लोगों को पहले ही सहमा रखा था। इसी बीच सुबह करीब 7 बजे मछली पकड़ने गए ग्रामीणों को नदी किनारे एक शव दिखाई दिया। करीब जाने पर पता चला कि वह 60 वर्षीय काशी राम निषाद का शव था।
बीते दिन से था लापता, अकेले करता था मछली शिकार
ग्रामीणों के मुताबिक काशी राम पिछले दिन नदी में मछली पकड़ने गया था और अक्सर रात में अकेले ही मछली पकड़ने पहुंच जाता था।
रातभर घर नहीं लौटने पर भी परिवार ने सोचा कि वह नदी पर ही होगा, लेकिन सुबह उसकी मौत की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।
ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना
शव मिलने की सूचना पाकर ग्रामीणों ने तत्काल थाने में खबर दी। कुछ ही देर में थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव को नदी से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया और पंचनामा कार्रवाई शुरू की गई।
प्राथमिक जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात
जांच में यह जानकारी सामने आई कि काशी राम अक्सर विद्युत तार डालकर मछली पकड़ने का जोखिमपूर्ण तरीका अपनाता था।
पुलिस को आशंका है कि इसी खतरनाक तकनीक के कारण उसकी मौत हुई हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
ग्रामीणों में दहशत और कई सवाल
घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि—
- क्या काशी राम की मौत हादसा है?
- क्या वह विद्युत करंट की चपेट में आया?
- या फिर कोई अन्य परिस्थिति इसमें शामिल है?
पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही है।








