पितेश्वर हरपाल कोपरा/गरियाबंद। गरियाबंद जिले के नगर पंचायत कोपरा में अटल परिसर के निर्माण को लेकर विवाद एक बार फिर गहराता जा रहा है। प्रशासन द्वारा पूर्व में लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद नगर पंचायत अध्यक्ष के रवैये से विवादित भूमि पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे नगरवासियों में नाराजगी और असंतोष का माहौल बन गया है।
अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति से जुड़ा मामला
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता और भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में नगर पंचायत कोपरा द्वारा अटल परिसर का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन जिस भूमि पर यह निर्माण हो रहा है, उसे लेकर शुरू से ही आपत्तियां सामने आती रही हैं। अब यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
नगरवासी ने एसडीएम को सौंपा आवेदन

नगर निवासी नरेश निषाद ने इस निर्माण को लेकर एसडीएम राजिम को आवेदन सौंपकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी निजी भूमि खसरा नंबर 4404, रकबा 0.05 हेक्टेयर के ठीक सामने और उससे सटी हुई जगह पर अटल परिसर का निर्माण कराया जा रहा है।
जलस्रोत के पास निर्माण पर सवाल
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि निर्माण स्थल के बीच एक सार्वजनिक हैंडपंप मौजूद है। शासन के नियमों के अनुसार किसी भी सार्वजनिक जलस्रोत के ऊपर या उसके आसपास निर्माण कार्य प्रतिबंधित है। इसके बावजूद निर्माण जारी रहना नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।
संकरा स्थल और सुरक्षा की आशंका
नरेश निषाद ने यह भी बताया कि निर्माण स्थल बेहद संकरा है और मुख्य आवागमन मार्ग से सटा हुआ है। साथ ही उसी परिसर में सरस्वती शिशु मंदिर का मूत्रालय स्थित है, जिससे भविष्य में विद्यार्थियों और आम नागरिकों को असुविधा होने की आशंका जताई गई है।
पहले लग चुका था प्रतिबंध, फिर कैसे शुरू हुआ काम?
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी निर्माण को लेकर शिकायत की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। बावजूद इसके, विवाद का निराकरण किए बिना नगर पंचायत द्वारा दोबारा निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
भूमिपूजन स्थल और निर्माण स्थल अलग
जानकारी के अनुसार अटल परिसर का भूमिपूजन जिस स्थान पर किया गया था, निर्माण कार्य वहां न होकर किसी अन्य स्थान पर शुरू किया गया है। यह तथ्य भी विवाद को और गहरा कर रहा है।
असामाजिक तत्वों के जमावड़े की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त स्थल पर शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है, जिससे क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
भाजपा कार्यकर्ताओं में भी अंदरूनी असंतोष
इस पूरे मामले को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में भी अंदरूनी असंतोष की चर्चा है। हालांकि वे खुलकर नगर पंचायत अध्यक्ष के विरोध में सामने नहीं आ रहे, लेकिन उनका कहना है कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता के नाम पर बनने वाले परिसर को वह सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जिसके वे हकदार हैं। कई कार्यकर्ताओं का मत है कि अटल परिसर का निर्माण नगर के किसी प्रमुख चौक या सार्वजनिक स्थल पर होना चाहिए था।
अब प्रशासन के फैसले पर टिकी निगाहें
विवादित भूमि पर निर्माण दोबारा शुरू होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। एसडीएम राजिम कार्यालय में नया आवेदन पहुंचने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और विवाद का समाधान कैसे निकाला जाता है।








