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सुरक्षित बचपन अभियान के तहत स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए चलेंगी जागरूकता गतिविधियां

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कोण्डागांव में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक, बाल विवाह, बाल शोषण और साइबर सुरक्षा के प्रति बच्चों को किया जाएगा जागरूक

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोण्डागांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं पैरालीगल वॉलिंटियर्स की मासिक बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खिलावन राम रिगरी ने की। बैठक में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, बाल अपराधों की रोकथाम और विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण विकसित करने पर चर्चा की गई।

छह प्रमुख विषयों के माध्यम से बच्चों को किया जाएगा जागरूक

सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज को जागरूक करने के लिए छह प्रमुख विषयों पर विशेष जोर दिया गया। इनमें ‘ना बाल विवाह, ना बाल शोषण’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘जागरूक बचपन, सशक्त भारत’, ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’, ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’ तथा ‘बोलो, बताओ, बचाओ’ शामिल हैं।

इन विषयों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे किसी भी समस्या के सामने आने पर जागरूक होकर उचित कदम उठा सकें।

स्कूलों में संयुक्त विभागीय टीम करेगी जागरूकता गतिविधियां

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण इकाई, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम के माध्यम से विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया गया।

इन गतिविधियों में विद्यार्थियों के साथ संवाद, प्रश्नोत्तरी, जागरूकता सत्र और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रम शामिल होंगे। बच्चों को बाल विवाह एवं बाल शोषण की रोकथाम, सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान, साइबर सुरक्षा, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसका उद्देश्य विद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां बच्चे स्वयं को सुरक्षित महसूस करें और किसी भी समस्या को बिना डर या झिझक के सामने रख सकें।

पैरालीगल वॉलिंटियर्स को दिया गया प्रशिक्षण

कार्यक्रम के अंतर्गत पैरालीगल वॉलिंटियर्स की मासिक बैठक एवं प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। इसमें उन्हें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विधिक जागरूकता बढ़ाने, बच्चों एवं जरूरतमंद परिवारों को कानूनी सहायता की जानकारी देने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।

पैरालीगल वॉलिंटियर्स को बाल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने और आम नागरिकों तक कानूनी सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

बच्चों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना लक्ष्य

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोण्डागांव का उद्देश्य सुरक्षित बचपन अभियान के माध्यम से बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना, बाल अपराधों की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत बनाना और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

न्यायिक अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि रहे उपस्थित

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी श्री उमाशंकर मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) श्रीमती प्रतिभा मरकाम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेशमा बैरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री गायत्री साय, प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी कु. सीमा टांडे, प्रतिधारक अधिवक्ता श्री सुरेंद्र भट्ट सहित शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण अधिकारी एवं अधिकार मित्र उपस्थित रहे।

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