ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव । आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जिले में आभा आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) निर्माण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों का आभा आईडी बना रही हैं, जिससे लोगों को कार्यालय या अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ता जिला
जिले में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को डिजिटल स्वास्थ्य पहचान प्रदान करना है। आभा आईडी के माध्यम से व्यक्ति का स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहता है, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी बनती है।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका
स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिन बहनें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर आभा आईडी के महत्व के बारे में जानकारी दे रही हैं। वे मौके पर ही पंजीयन कर रही हैं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को विशेष सुविधा मिल रही है।
अब तक 5.60 लाख से अधिक आभा आईडी निर्मित
जिला प्रशासन के अनुसार अब तक लगभग 5 लाख 60 हजार आभा आईडी का निर्माण किया जा चुका है। आभा आईडी बनवाने के लिए केवल आधार कार्ड की आवश्यकता होती है। आधार कार्ड धारक नागरिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से संपर्क कर या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर आसानी से पंजीयन करा सकते हैं।
आभा आईडी के प्रमुख लाभ
आभा आईडी एक डिजिटल स्वास्थ्य पहचान पत्र है, जिसके माध्यम से मरीज देश के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में उपचार के दौरान अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड का उपयोग कर सकते हैं। पूर्व उपचार की जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहने से डॉक्टरों को बेहतर उपचार देने में सुविधा होती है तथा मरीजों को बार-बार दस्तावेज ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
प्रशासन की अपील
कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और अपना आभा आईडी अवश्य बनवाएं। यह पहल जिले को सशक्त और आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत नींव
कोण्डागांव जैसे आकांक्षी जिले में चल रहा यह अभियान भविष्य में तेज, भरोसेमंद और सुव्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत नींव साबित होगा।








