40 साल पुराना भवन बना खतरे का कारण
ब्यूरो रवि गहने। खैरागढ़–छुईखदान–गंडई । जिले के खैरागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जालबांधा के आश्रित ग्राम पेटी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला भवन की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। लगभग 40 वर्ष पूर्व निर्मित इस भवन में वर्तमान में 62 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। जर्जर स्थिति के बावजूद स्कूल का संचालन यहीं किया जा रहा है, जिससे बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दीवारों में दरारें, छत से टपकता पानी
मीडिया निरीक्षण में पाया गया कि भवन में तीन कक्ष, एक कार्यालय और एक अतिरिक्त कमरा है। वर्षाकाल में छत से पानी टपकता है और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। कई बार छत का प्लास्टर गिर चुका है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पहले भी की जा चुकी है मांग, अब तक नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों के अनुसार नए भवन निर्माण के लिए पूर्व में भी कई बार आवेदन और मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या स्वीकृति नहीं मिली है। शिक्षा मंत्री के जालबांधा आगमन के दौरान भी नया शाला भवन स्वीकृत करने हेतु आवेदन सौंपा गया था, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बरसात में बदला गया था स्थान
बीते वर्षा ऋतु में खतरे को देखते हुए स्कूल का संचालन अस्थायी रूप से अन्य स्थान पर किया गया था, लेकिन वर्षाकाल समाप्त होते ही पुनः उसी जर्जर भवन में कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
ग्रामीणों की मांग: बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो
ग्राम पंचायत जालबांधा के सरपंच प्रतिनिधि, उपसरपंच हरेश वर्मा, शाला विकास समिति अध्यक्ष अजय सहित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द नए भवन की स्वीकृति दी जाए, अन्यथा किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।








