Buy Advt. Space

ईरागांव में सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की

By

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव । थाना ईरागांव क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन विधि से संघर्षरत बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है।

पीड़िता की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 05 मार्च 2026 को पीड़िता अपने परिजनों के साथ थाना ईरागांव पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि घटना दोपहर लगभग 3 बजे की है, जब वह अपनी मां के साथ घर में थी। इसी दौरान ग्राम बिन्झे के कुछ युवक गुलाल लगाने के बहाने घर पहुंचे।

मां को बहाने से भेजा, पीड़िता को बनाया निशाना

आरोपियों ने पीड़िता की मां को गांव में शराब लाने के बहाने बस्ती की ओर भेज दिया। इसके बाद पीड़िता को घर में अकेला पाकर आरोपियों ने उसे जबरन कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

मां के लौटने पर भागे आरोपी

कुछ समय बाद जब पीड़िता की मां घर लौटी, तो दरवाजे के पास खड़ा एक युवक उसे आता देख चिल्लाते हुए भाग गया। जब मां घर के अंदर पहुंची तो कमरे से आरोपी बाहर निकलकर भागने लगे। इस दौरान पीड़िता की मां ने दो आरोपियों को पकड़कर डंडे से मारते हुए भगाया।

पुलिस ने घेराबंदी कर किया गिरफ्तार

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चंद्रा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी केशकाल श्री अरुण कुमार नेताम के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई।
थाना प्रभारी ईरागांव कोमल राठौर के नेतृत्व में ईरागांव और धनोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपियों के गांव पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपियों को पकड़ लिया।

न्यायालय में किया जाएगा पेश

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया है। गिरफ्तार आरोपी कमलेश मण्डावी और मनोज मण्डावी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जबकि तीन विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी ईरागांव निरीक्षक कोमल राठौर, थाना प्रभारी धनोरा भुनेश्वर नाग, सहायक उपनिरीक्षक विनोद चंदेल, अनिता मेश्राम, विष्णु नरेटी, प्रधान आरक्षक सुखबती सलाम, पंचू मरकाम तथा आरक्षक बुधराम मंडावी, हर्षवर्धन नेताम, सरजू मरकाम, मंजीत पोयम और महिला आरक्षक चंपी नेताम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Leave a Comment