
दो साल बाद भी नहीं मिली अनुदान राशि
पितेश्वर हरपाल गरियाबंद । जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम बोरिद की विधवा भगवंती यादव सुशासन के दावों के बीच विभागीय उदासीनता की मार झेल रही है। पति वेदप्रकाश यादव की मृत्यु 14 सितंबर 2023 को हुई थी, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वन विभाग उसकी अनुदान राशि जारी नहीं कर पाया है।
कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप
पीड़िता भगवंती यादव ने गंभीर आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने अनुदान फाइल बढ़ाने के नाम पर बार-बार पैसे मांगे।
उनका कहना है
“40–50 हजार रुपये दे चुकी हूँ, लेकिन अब तक पैसा नहीं मिला… आखिर एक गरीब विधवा कितना खर्च करे?”
नेताओं और अधिकारियों से लगाई गुहार, फिर भी कार्रवाई नहीं
भगवंती ने बताया कि वह कई बार नेताओं, अधिकारियों और विभागीय कार्यालयों में आवेदन दे चुकी है।
उन्होंने जनदर्शन में भी आवेदन दिया था, लेकिन 27 नवंबर 2025 तक किसी स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
पीड़िता का दर्द
“आश्वासन तो मिलता है, पर कार्रवाई कोई नहीं। जैसे मेरा आवेदन कचरे में फेंक दिया हो।”
अन्य परिवारों को मिल गई राशि, पर उसकी फाइल दो साल से अटकी
पीड़िता का आरोप है कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े अन्य मृत कर्मचारियों के परिजनों को अनुदान राशि मिल चुकी है।
लेकिन उनकी फाइल पिछले दो वर्षों से विभाग में लटकी है।
उन्होंने सवाल उठाया
“क्या यही सुशासन है? गरीब विधवा की सुनवाई भी नहीं?”
वन विभाग और प्रशासन पर गंभीर सवाल
पीड़िता का आरोप है कि फाइल न बढ़ाने, रिश्वत मांगने और उपेक्षा की वजह से उसे दो साल से न्याय नहीं मिला।
प्रशासन और वन विभाग की इस लापरवाही ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आंदोलन की चेतावनी
लगातार उपेक्षा से परेशान भगवंती यादव ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द अनुदान नहीं दिया गया, तो वह अपने हक के लिए आंदोलन करने पर मजबूर होगी।









