गरियाबंद। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस को एक बड़ी और निर्णायक सफलता हाथ लगी है। प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय दो हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले दोनों माओवादियों पर शासन द्वारा 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
कौन हैं आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी?
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में
- संतोष उर्फ लालपवन एसडीके एरिया कमेटी सदस्य
- मंजू उर्फ नंदे सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य
दोनों माओवादी लंबे समय से गरियाबंद और ओडिशा सीमा से सटे दुर्गम जंगल क्षेत्रों में सक्रिय थे और कई गंभीर नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं।
आत्मसमर्पण की वजह सरकारी नीति और पुलिस की लगातार अपील
गरियाबंद पुलिस के अनुसार, राज्य शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, बेहतर जीवन की संभावनाओं और पुलिस की निरंतर अपील से प्रभावित होकर दोनों माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया और समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई।
गरियाबंद में अब तक 20 नक्सली कर चुके हैं आत्मसमर्पण
इस ताजा आत्मसमर्पण के साथ ही गरियाबंद जिले में अब तक कुल 20 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसे जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई रही प्रभावी
इस सफलता में
- गरियाबंद पुलिस की ई-30 टीम
- सीएएफ 19वीं बटालियन
- 207 कोबरा
- 65वीं एवं 211वीं बटालियन सीआरपीएफ
का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। संयुक्त अभियान और निरंतर दबाव के चलते नक्सली संगठन कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।
शेष नक्सलियों से पुलिस की अपील
गरियाबंद पुलिस ने अब भी सक्रिय माओवादियों से अपील की है कि वे हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करें और शासन की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।
आत्मसमर्पण के लिए संपर्क करें:
नक्सल सेल, गरियाबंद 94792-27805








