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किसान अपडेट: धान खरीदी पर बड़ा अपडेट! 15, नहीं अब इस तारीख से शुरु होगी खरीदी..

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छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर सरकार व प्रशासन ने सभी तैयारियाँ लगभग पूरी कर ली हैं। सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल के चलते थोड़ी बाधाएँ अवश्य सामने आईं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी है। इस बार खरीदी 15 नवंबर से शुरू होनी थी, लेकिन 15 और 16 नवंबर को शनिवार और रविवार होने के कारण अब धान खरीदी 17 नवंबर, सोमवार से शुरू होगी। प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

वैकल्पिक व्यवस्था: प्रशासन का तात्कालिक एक्शन

सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण खरीदी प्रक्रिया में रुकावट की आशंका थी, लेकिन जिला प्रशासन ने समय रहते बड़ा कदम उठाते हुए राजस्व, कृषि, खाद्य और सहकारिता विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को समिति प्रबंधक और खरीदी प्रभारी की जिम्मेदारी सौंप दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि खरीदी व्यवस्था किसी भी स्थिति में नहीं रुकेगी।

इस निर्णय के बाद किसानों में काफी राहत की भावना देखने को मिली है, क्योंकि खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार के प्रशासनिक अभाव या कर्मचारियों की कमी का असर सीधे किसानों पर पड़ता है। कलेक्टर ने बताया कि जिले के 140 उपार्जन केंद्रों में नए प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं और सभी को खरीदी प्रक्रिया से जुड़े निर्देश दे दिए गए हैं।

हड़ताल के बीच खरीदी न रुके—निजी कंपनी को भी जोड़ा गया

कलेक्टर ने बताया कि सरकार ने हड़ताल की स्थिति को देखते हुए दिल्ली की एक निजी कंपनी को भी आउटसोर्सिंग के आधार पर खरीदी व्यवस्था में जोड़ा है। इस कंपनी की टीम आवश्यकतानुसार उपार्जन केंद्रों पर सहयोग करेगी। यह कदम खरीदी की पारदर्शिता और निरंतरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है कि हड़ताल या किसी भी अन्य परिस्थिति का असर किसानों पर नहीं पड़ना चाहिए। खरीदी की तैयारी पूरी गुणवत्ता और सतर्कता के साथ की जा रही है।

बरदाने की उपलब्धता पर किसान निश्चिंत रहें

बरदाने को लेकर किसानों में पिछले कुछ दिनों से शंका बनी हुई थी, लेकिन कलेक्टर ने इस मुद्दे को भी साफ किया। उन्होंने बताया कि जिले में बरदाने की पर्याप्त उपलब्धता है और नए गठान भी पहुँच चुके हैं। किसी भी केंद्र पर बरदाने की कमी नहीं होगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों से भी बरदाने की सप्लाई कराई जाएगी ताकि किसी किसान को परेशान न होना पड़े।

निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी: कैमरे से मॉनिटरिंग

इस बार खरीदी केंद्रों में निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी प्रमुख केंद्रों पर बेहतर कैमरा व्यवस्था और मॉनिटरिंग की सुविधा स्थापित की गई है। प्रशासन के अनुसार, इस बार कैमरों की गुणवत्ता, दायरा और फुटेज मॉनिटरिंग का सिस्टम पहले से अधिक उन्नत है।

इन कैमरों से एक ओर खरीदी के दौरान गड़बड़ी और अनियमितता पर रोक लगेगी, तो दूसरी ओर किसानों को भी भरोसा रहेगा कि उनका धान सही तरीके से तौला और संग्रहित किया जा रहा है।

एग्रीस्टेक पोर्टल पर खरीदी—अपडेट न होने पर मौके पर सुधार

धान खरीदी इस बार एग्रीस्टेक पोर्टल के आधार पर की जाएगी। जिन किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल अपडेट नहीं है, उनके दस्तावेज खरीदी केंद्र पर ही तत्काल अपडेट कराए जाएंगे। प्रशासन ने इसके लिए विशेष टीम नियुक्त की है जो मौके पर किसानों की डेटा एंट्री और वेरीफिकेशन करेगी।

कलेक्टर ने किसानों से अपील की कि वे खरीदी केंद्र पर निर्धारित समय पर पहुँचें और आवश्यक दस्तावेज साथ लाएँ। उन्होंने आश्वासन दिया कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू और पारदर्शी तरीके से चलेगी।

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