भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) में पीएचडी शोधार्थियों से वसूली गई लाखों रुपये की फीस के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय के कुछ पूर्व अधिकारियों की मिलीभगत से शोधार्थियों से फीस फर्जी रसीदों के जरिए ली गई, लेकिन वह राशि विश्वविद्यालय के खाते में जमा नहीं की गई।
मामले के खुलासे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान सामने आया कि शोधार्थियों ने नियमित रूप से अपनी फीस जमा की थी और बदले में उन्हें विश्वविद्यालय की आधिकारिक प्रतीत होने वाली रसीदें भी दी गई थीं। हालांकि, जब इन रसीदों का मिलान विश्वविद्यालय के खातों और रजिस्टर से किया गया, तो पता चला कि संबंधित राशि मुख्य बैंक खाते में कभी जमा ही नहीं हुई।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि फर्जी रसीदों के माध्यम से फीस की रकम बीच में ही गायब कर दी गई। अब विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और दोषियों की पहचान की जा रही है।
फिलहाल यह देखना अहम होगा कि शोधार्थियों से फीस लेकर गबन करने वाले आरोपियों के खिलाफ राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन क्या सख्त कार्रवाई करता है।








