रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत हजारों कर्मचारियों को वर्ष 2025 का वार्षिक वेतन इंक्रीमेंट अब तक नहीं मिल पाया है। चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाओं में जुटे इन कर्मचारियों में इसे लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
NHM कर्मचारियों को हर वर्ष एक बार अप्रैल माह में वेतन वृद्धि का प्रावधान है, जो आमतौर पर अक्टूबर से प्रभावी होकर वेतन में जुड़ती है। लेकिन इस बार हालात ऐसे हैं कि कर्मचारियों की सैलरी में एक रुपये का भी इंक्रीमेंट नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2026 की शुरुआत हो चुकी है।
स्थिति यह है कि जिन नए कर्मचारियों ने एक वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, वे भी इसी उम्मीद में कार्यरत हैं कि एक साल बाद उनका वेतन बढ़ेगा, लेकिन उन्हें भी कोई राहत नहीं मिली है।
वहीं दूसरी ओर, NHM कर्मचारियों को पूर्व में की गई हड़तालों का वेतन भी अब तक नहीं दिया गया है। इसमें एक-दो दिन की हड़ताल के साथ-साथ 33 दिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की राशि भी शामिल है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों को अपने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की स्कूल फीस और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि हर साल बढ़ती महंगाई के बीच वे कम से कम वार्षिक इंक्रीमेंट की उम्मीद करते हैं, लेकिन इस बार सरकार और विभाग की चुप्पी ने उनकी परेशानी और नाराजगी को बढ़ा दिया है।
NHM कर्मचारियों का आरोप है कि वे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसके बावजूद उनके आर्थिक अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। वेतन वृद्धि और लंबित भुगतान को लेकर अब कर्मचारियों में असंतोष गहराता जा रहा है, जिससे भविष्य में आंदोलन की स्थिति भी बन सकती है।








