ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों को सहेजने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय स्थित कनेरा रोड ऑडिटोरियम में जनपद स्तरीय बस्तर पंडुम का भव्य शुभारंभ हुआ।
तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव
तीन दिवसीय इस आयोजन के माध्यम से बस्तर की जनजातीय जीवनशैली, लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान किया गया है। यह उत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पहले दिन वन औषधियों का विशेष प्रदर्शन
कार्यक्रम के पहले दिन वन औषधियों का विशेष प्रदर्शन किया गया, जिसमें स्थानीय वनोपज और पारंपरिक औषधीय ज्ञान को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी ने जनजातीय समाज के प्रकृति-आधारित जीवन दर्शन को उजागर किया।
पारंपरिक नृत्य और वाद्ययंत्रों ने मोहा मन
विभिन्न जनजातियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य एवं जनजातीय वाद्ययंत्रों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों में बस्तर की सांस्कृतिक विविधता, प्रकृति से जुड़ाव और सामुदायिक जीवन की भावना स्पष्ट रूप से झलकी।
जनजातीय पहचान को सशक्त करता है बस्तर पंडुम
नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान, गौरव और आत्मसम्मान को सशक्त करने वाला महत्वपूर्ण मंच है। इससे स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिल रही है।
आगामी दिनों में होंगी विविध सांस्कृतिक गतिविधियाँ
उत्सव के आगामी दो दिनों में और भी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनके माध्यम से बस्तर की समृद्ध विरासत को व्यापक पहचान मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता कोर्राम, जिला पंचायत सदस्य श्री नंदलाल राठौर एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री टोमेन्द्र सिंह ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।








