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सहयोग चौपाल एवं चलित थाना के जरिए ग्रामीणों तक पहुंची कोण्डागांव पुलिस

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हसलनार और मर्दापाल साप्ताहिक बाजारों में चलाया गया जनजागरूकता अभियान, साइबर अपराध, नशामुक्ति और महिला-बाल सुरक्षा की दी जानकारी

ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, जिले में सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने और ग्रामीणों को कानून एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कोण्डागांव पुलिस द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा (IPS) के मार्गदर्शन में थाना मर्दापाल पुलिस ने हसलनार एवं मर्दापाल के साप्ताहिक बाजारों में सहयोग चौपाल एवं चलित थाना के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम के दौरान बाजार में मौजूद ग्रामीणों, व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं को विभिन्न अपराधों से बचाव, कानूनी अधिकारों तथा पुलिस की सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई।

साइबर अपराधों से बचाव के बताए तरीके

पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, OTP धोखाधड़ी और UPI फ्रॉड के प्रति जागरूक किया। उन्होंने समझाया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग संबंधी जानकारी या गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए।

साथ ही, साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

यातायात नियमों का पालन करने की अपील

यातायात जागरूकता के तहत ग्रामीणों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की समझाइश दी गई। पुलिस ने बताया कि यातायात नियमों का पालन करके सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है और बहुमूल्य जीवन की रक्षा की जा सकती है।

नशे के दुष्प्रभावों से कराया अवगत

नशामुक्ति अभियान के तहत ग्रामीणों को शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। पुलिस ने लोगों से नशे से दूर रहने तथा परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की।

नए आपराधिक कानूनों की दी जानकारी

कार्यक्रम में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के संबंध में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, पुलिस से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा अपराध की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने के तरीकों से अवगत कराया गया।

महिला एवं बाल सुरक्षा पर दिया विशेष जोर

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घरेलू हिंसा, बाल विवाह, बाल शोषण और साइबर बुलिंग जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपराध की जानकारी मिलने पर चुप न रहें और तत्काल पुलिस को सूचित करें।

ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए पुलिस की पहल

सहयोग चौपाल एवं चलित थाना का उद्देश्य पुलिस सेवाओं को ग्रामीणों के निकट पहुंचाना, उनकी समस्याओं को सुनना और अपराधों की रोकथाम में जनसहभागिता बढ़ाना है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को पुलिस से सीधे जुड़ने तथा अपनी समस्याएं और शिकायतें साझा करने के लिए प्रेरित किया गया।

पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि अपने क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अवैध नशे के कारोबार या अन्य आपराधिक गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना को दें।

कोण्डागांव पुलिस द्वारा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग और जनजागरूकता के ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

कोण्डागांव पुलिस — आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प।

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