पुलिस ने निष्क्रियता और प्रशासनिक संरक्षण के आरोपों को किया खारिज, साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की वैधानिक कार्रवाई
ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। कोण्डागांव, माजीसा राइस मिल के सामने गांजे के पौधे पाए जाने के मामले में सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों में प्रसारित खबरों पर कोण्डागांव पुलिस ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में 14 अक्टूबर 2026 को ही अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई थी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं किए जाने और प्रशासनिक संरक्षण दिए जाने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रकरण में नियमानुसार जांच की जा रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत 14 अक्टूबर को दर्ज हुआ अपराध
कोण्डागांव पुलिस के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त होने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विधिवत कार्रवाई की। इस मामले में थाना कोण्डागांव में अपराध क्रमांक 324/2026, धारा 20(क) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर गांजे के पौधे जब्त किए गए। इसके बाद से मामले की विवेचना जारी है।
भूमि के स्वामित्व और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच
पुलिस ने बताया कि गांजे के पौधे संबंधित भवन की बाउंड्री वॉल के बाहर स्थित भूमि पर पाए गए थे। भूमि के स्वामित्व और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग को विधिवत पत्राचार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, संबंधित विभाग से जानकारी प्राप्त होने और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला विवेचनाधीन है।
पुलिस ने खबरों में पक्ष नहीं लेने पर जताई आपत्ति
पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 23 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर नरेन्द्र देवांगन और रितेश पटेल द्वारा इस मामले को लेकर पुलिस एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए खबर प्रसारित की गई थी। पुलिस का कहना है कि संबंधित खबरों में उसका पक्ष प्राप्त नहीं किया गया और न ही तथ्यों की जानकारी लेने के लिए संपर्क किया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में 14 अक्टूबर को ही अपराध दर्ज कर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जानकारी अपलोड की गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने आरोप लगाया है कि उपलब्ध तथ्यों की जांच किए बिना निष्क्रियता और दबाव संबंधी खबरें प्रसारित की गईं।
अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई जारी : पुलिस
कोण्डागांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी अवैध गतिविधि को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि जानबूझकर झूठी या भ्रामक जानकारी प्रसारित करने में कानून का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।








