ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव । कोण्डागांव राज्य, संभाग एवं जिला स्तरीय विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सीपीआई जिला परिषद् कोण्डागांव द्वारा एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित कर ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
नेतृत्व में हुआ आयोजन
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य परिषद् सचिव मंडल सदस्य काम. तिलक पाण्डे, जिला सचिव का. शैलेष एवं सहायक सचिव काम. दिनेश ने किया। इस दौरान सरादू, सोमारु, बिसम्बर, पतिराम, सुखचरण, अनुराधा, खुशबू, बुधियारीन, तुलाबती, ब्रिजलाल, रामचंद, चंदर सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें प्रमुख रूप से —
- मनरेगा कानून को पुनर्स्थापित कर बजट वृद्धि एवं 200 दिन रोजगार गारंटी।
- बीजापुर जिले के कुचनुर की कोरंडम खदान की लीज प्रक्रिया पर रोक।
- बस्तर संभाग में वनों की कटाई पर रोक एवं ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य।
- तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी भर्तियों में स्थानीय युवाओं को 100% प्राथमिकता।
- खनिज सर्वेक्षण के नाम पर ग्रामीणों के उत्पीड़न पर रोक।
खनन एवं निजीकरण पर आपत्ति
ज्ञापन में बस्तर संभाग में खान-खनिजों के दोहन हेतु निजी एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों, विशेषकर एन.एम.डी.सी. द्वारा स्थापित नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण प्रयासों पर तत्काल रोक लगाने की बात कही गई।
वनाधिकार एवं रोजगार से जुड़े मुद्दे
सीपीआई ने वर्ष 2005 के पूर्व से वन भूमि पर काबिज काश्तकारों को वनाधिकार पट्टा प्रदान करने तथा बस्तर क्षेत्र में स्थापित उद्योगों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।
हिंसपुर घटना पर न्याय की मांग
ज्ञापन में बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में कथित मारपीट एवं मौत की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं नौकरी देने की मांग की गई।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।








