ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । जनजातीय संस्कृतियों और परंपराओं से सजे संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम का भव्य समापन आज केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोककला और परंपराओं का मनोहारी प्रदर्शन विभिन्न जिलों से आए कलाकारों द्वारा किया गया।
कोंडागांव के कलाकारों ने मोहा सबका मन
कार्यक्रम में कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम कलेपाल के रजऊ मंडावी एवं उनके साथियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की अद्भुत प्रस्तुति देकर दर्शकों और निर्णायक मंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति को सर्वश्रेष्ठ मानते हुए वाद्य यंत्र प्रदर्शन एवं आंचलिक साहित्य श्रेणी में कोंडागांव जिले को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
19 पारंपरिक वाद्य यंत्रों की दी गई मनमोहक प्रस्तुति
बस्तर पंडुम मंच पर रजऊ मंडावी और उनके साथियों ने मांदर, कोटोडका, मोहिर, निशान, ढोल सहित लगभग 19 पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने जनजातीय संगीत की विविधता और समृद्ध परंपरा को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री के हाथों मिला सम्मान
समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को प्रशस्ति पत्र, चेक एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से कलाकारों का उत्साह और आत्मविश्वास और अधिक बढ़ा है।
जनजातीय कला संरक्षण की दिशा में सशक्त पहल
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित बस्तर पंडुम न केवल विलुप्त होती लोककलाओं, नृत्य, गीत और संगीत के संरक्षण का सशक्त माध्यम बन रहा है, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है। इस मंच के माध्यम से युवाओं में अपनी परंपराओं के प्रति गर्व की भावना विकसित हो रही है और सांस्कृतिक धरोहरों को पीढ़ी दर पीढ़ी सहेजने की प्रेरणा मिल रही है।








