ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव । राज्य सरकार के मार्गदर्शन में बस्तर की विशिष्ट जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित जिला स्तरीय “बस्तर पंडुम 2026” का भव्य शुभारंभ बुधवार को स्थानीय ऑडिटोरियम में किया गया।
जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल ने की।
विशेष अतिथियों में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेण्डी, जिला पंचायत सदस्य श्री नंदलाल राठौर, श्रीमती यशोदा कश्यप, जनपद पंचायत माकड़ी अध्यक्ष श्रीमती जुगबती पोयाम, जनपद सदस्य श्रीमती ममता नेताम, श्री जितेन्द्र सुराना सहित विभिन्न समाज प्रमुख एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पहले दिन जनजातीय प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के पहले दिन जनजातीय कलाकारों द्वारा लोकनृत्य एवं लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक ताल-सुर और नृत्य मुद्राओं ने बस्तर की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत कर दिया।
जनजातीय संस्कृति की विविध झलक
बस्तर पंडुम के अंतर्गत
- जनजातीय वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन
- पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषणों की प्रदर्शनी
- जनजातीय वन औषधियों का प्रदर्शन
भी आकर्षण का केंद्र रहा।
12 विधाओं में प्रतिभागी दिखा रहे कला कौशल
इस जिला स्तरीय आयोजन में विकासखंड स्तर पर चयनित विजेता प्रतिभागी बस्तर की जनजातीय कला एवं संस्कृति से जुड़ी कुल 12 विधाओं में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आयोजन 29 जनवरी 2026 तक चलेगा।
नई पीढ़ी को मिल रहा सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर
उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम के माध्यम से राज्य सरकार बस्तर संभाग की समृद्ध लोककला, परंपराओं, रीति-रिवाजों और पारंपरिक जीवनशैली को संरक्षित करने का कार्य कर रही है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है।








