भिलाई । द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की भिलाई शाखा द्वारा 58वां अभियंता दिवस समारोह सोमवार को सिविक सेंटर स्थित इंजीनियर्स भवन में धूमधाम से आयोजित किया गया। इस वर्ष का विषय था – “डीप टेक एंड इंजीनियरिंग एक्सीलेंस : ड्राइविंग इंडिया’s टेक एड”।
समारोह में श्री ए. के. चक्रबर्ती, अधिशासी निदेशक (सामग्री प्रबंधन), सेल भिलाई इस्पात संयंत्र मुख्य अतिथि रहे। प्रो. राजीव प्रकाश, निदेशक, आईआईटी भिलाई तथा प्रो. संजय तिवारी, कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय केंद्र के चेयरमैन श्री पुनीत चौबे ने की।
डॉ. राजीव प्रकाश को मिला सम्मान
इस अवसर पर भिलाई स्थानीय केंद्र द्वारा डॉ. राजीव प्रकाश को “लाइफटाइम इंजीनियरिंग एक्सीलेंस अवार्ड” से सम्मानित किया गया। उनके योगदान को श्री चैतन्य वेंकटेश्वर, महाप्रबंधक, सेट सेल ने विस्तार से प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि का संदेश
श्री ए. के. चक्रबर्ती ने कहा कि अभियंता सदैव बेहतर विश्व निर्माण का स्वप्न देखते हैं और उसे मूर्त रूप देते हैं। उन्होंने डिजिटल युग में हो रहे तकनीकी परिवर्तनों को स्वीकार कर नवाचार से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि अगले 7-8 वर्षों में मानव संसाधनों की आवश्यकता लगभग 30% तक कम हो सकती है, ऐसे में इंजीनियरों को नवीन तकनीक व नवाचार के साथ खुद को तैयार करना होगा।
प्रो. राजीव प्रकाश का उद्बोधन
आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि 21वीं सदी का भविष्य क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई, ब्लॉकचेन, रोबोटिक्स और डीप लर्निंग जैसी गहन प्रौद्योगिकियों पर आधारित होगा। उन्होंने उद्योग, अकादमिक और अनुसंधान इकाइयों के बीच समन्वय की आवश्यकता बताई और कहा कि “बेहतर टेक्नोलॉजी का उपयोग समाज के कमजोर वर्ग के उत्थान हेतु होना चाहिए।”
उन्होंने छत्तीसगढ़ में ड्रोन दीदी परियोजना के माध्यम से कृषि और महिला सशक्तिकरण में किए जा रहे नवाचारों का उल्लेख किया। साथ ही बस्तर के कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कोसा और वस्त्र उद्योग के विकास हेतु गहन प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल की लघु कार्य योजना साझा की।
प्रो. संजय तिवारी का व्याख्यान
कुलपति प्रो. संजय तिवारी ने डीप टेक पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत की टेक-एड यात्रा (2015–2025) की समीक्षा करते हुए डिजिटल इंडिया, जनधन, यूपीआई, भारतनेट, स्पेस टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसी उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप व निवेश में अग्रणी राज्य हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार डीप टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ चला रही है और अकादमिक व अनुसंधान इकाइयों की भूमिका इसमें अहम होगी।
अन्य आकर्षण
समारोह में विभिन्न महाविद्यालयों के 11 इंजीनियरिंग छात्रों को संस्थान की गतिविधियों में विशेष योगदान हेतु प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
उपस्थिति और संचालन
कार्यक्रम में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) भिलाई शाखा के सदस्य, भिलाई-दुर्ग के विभिन्न महाविद्यालयों के संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएँ, भिलाई इस्पात संयंत्र, राज्य शासन, एनएसपीसीएल, एसीसी, मेकॉन के अधिकारी एवं पूर्व पदाधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन श्री विक्की कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री नागेन्द्र त्रिपाठी ने दिया।
58वें अभियंता दिवस पर डॉ. राजीव प्रकाश को लाइफटाइम एक्सीलेंस अवार्ड








