रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का साझा मंथन
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसरों की निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु आज दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सभागार में एक उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक की मुख्य बातें:
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज के निर्देशन में रेलवे सुरक्षा की रणनीतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल ने PPT प्रस्तुति के माध्यम से रेलवे से जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण व समाधान प्रस्तुत किया।
अपराध नियंत्रण, मादक पदार्थ तस्करी की रोकथाम एवं वाई-फाई नेटवर्क के दुरुपयोग पर साइबर निगरानी बढ़ाने पर विशेष बल।
सीसीटीवी की संख्या में वृद्धि, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी, और इंटर एजेंसी कोऑर्डिनेशन को मजबूत करने की कार्य योजना।
बैठक में प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे:
कमांडेंट, RPF श्री रमन कुमार
पुलिस अधीक्षक, GRP श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा
पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश पटेल (ऑनलाइन माध्यम से)
DSP श्री पनिक राम कुजूर, DSP श्रीमती शिल्पा साहू
RPF प्रभारी दुर्ग श्री मनीष कुमार, भिलाई-3 से श्री संजीव कुमार सिन्हा
उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय, जीआरपी बालोद प्रभारी श्री टी.एस. ध्रुव
उप निरीक्षक श्री राजकुमार प्रधान, स.उ.नि. हेमंत कुमार त्रिपाठी
पुलिस पीआरओ श्री प्रशांत कुमार शुक्ला सहित अन्य अधिकारीगण
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा:
“रेलवे सुरक्षा सिर्फ एक दायित्व नहीं, बल्कि यात्रियों का विश्वास और देश की प्रतिष्ठा है। सभी एजेंसियों का समन्वयात्मक प्रयास ही सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना सकता है।”
निर्णय एवं आगे की कार्य योजना:
रेलवे स्टेशनों, प्लेटफार्म, प्रवेश/निकास द्वार, पुल व पार्किंग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए जाएंगे।
मादक पदार्थ व मानव तस्करी पर संयुक्त अभियान चलाए जाएंगे।
फ्री वाई-फाई नेटवर्क के दुरुपयोग पर साइबर निगरानी तेज की जाएगी।
रेलवे रूट के माध्यम से अपराधियों की फरारी प्रवृत्ति पर विशेष अध्ययन कर तत्काल नियंत्रण रणनीति विकसित की जाएगी।
बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में रेलवे सुरक्षा को लेकर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।








