भिलाईनगर। सेक्टर-9 अस्पताल के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों और क्षेत्रवासियों में व्यापक आक्रोश है। इसी के चलते गुरुवार को संयुक्त कर्मचारी संगठनों ने सेक्टर-9 चौक में विशाल प्रदर्शन किया और अस्पताल को निजी हाथों में देने के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की।
निजीकरण की खबर से कर्मचारियों में गहरी चिंता
संयंत्र प्रबंधन द्वारा अस्पताल निजीकरण की चर्चा शुरू होते ही कर्मचारियों, रिटायर्ड कर्मियों और स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ गई है।
सबसे अधिक प्रभावित वे सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं जो वर्षों से सेक्टर-9 अस्पताल पर निर्भर रहे हैं।
संयुक्त संगठनों ने कहा निजीकरण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि सेक्टर-9 अस्पताल को निजी हाथों में देने का फैसला किसी भी सूरत में मंजूर नहीं किया जाएगा।
उनका तर्क है कि इस अस्पताल में वर्षों से स्टील प्लांट कर्मियों और क्षेत्र के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती स्वास्थ्य सुविधा मिलती रही है। निजीकरण से इलाज महँगा और असुलभ हो जाएगा।
आई.आर. अधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान संयुक्त संगठनों के प्रतिनिधियों ने आई.आर. अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल निजीकरण पर जोर दिया गया तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
कई संगठन और पदाधिकारी हुए शामिल
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से
सुरेन्द्र मोहंती, देवेन्द्र सोनी, लखन संगोडे, राजेन्द्र परगनीहा, चंद्रकला, नारायण राव, संजना, सारदा मेश्राम, निरा डेहरिया, महेश, भावना, वर्षा, कलादास डेहरिया शामिल थे।








