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संपत्ति सौदे ने ली एक और जान, जमीन सौदे में फंसा किसान बना आत्महत्या का शिकार

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जामुल पुलिस की सटीक कार्रवाई, आरोपी दलाल चढ़ा हवालात की हवा खाने

विनोद देवांगन : जामुल “पैसे नहीं मिले, वादे अधूरे रह गए… और किसान ने तोड़ दी जीवन की डोर।”
ग्राम ढौर निवासी जुगल किशोर बंजारे ने अपनी ज़मीन का सौदा साल 2021 में आर्थिक तंगी और इलाज के लिए किया था  लेकिन किसे पता था ये सौदा उसकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा धोखा साबित होगा।

आरोप है कि प्रदीप यादव, इन्द्रजीत यादव और राहुल सिन्हा नामक तीन जमीन दलालों ने 35 लाख में जमीन खरीदने का सौदा तो कर लिया, लेकिन न पैसे दिए, न रजिस्ट्री कराई — उल्टा, बेचारे किसान को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।

नतीजा?


2024 में तंग आकर जुगल किशोर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पीछे छोड़ा एक सोसाइडल नोट, जिसमें तीनों के नाम साफ-साफ लिखे थे।

पुलिस ने लिया मामला संज्ञान में


जामुल पुलिस ने मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की। सोसाइडल नोट का परीक्षण कराया गया और पुष्टि के बाद आरोपी प्रदीप यादव को धर दबोचा गया।


प्रदीप ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर यह सौदा किया और जानबूझकर रजिस्ट्री को टालते रहे, जिससे किसान को कोई दूसरा खरीदार न मिल सके।

अब क्या?


प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। अन्य दोनों आरोपियों पर भी कार्रवाई जारी है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश मिश्रा के नेतृत्व में महफुज खान, चेतमान गुरूंग, रत्नेश शुक्ला, दीपक सिंह, राधे यादव, प्रदीप सिंह और तीरथ बंजारे की टीम का अहम योगदान रहा।

अपराध क्रमांक: 648/2025
धारा: 306, 34 भा.दं.वि.
आरोपी: प्रदीप यादव (33 वर्ष), निवासी राजीव नगर, सुपेला, दुर्ग



रिपोर्ट: जब जमीन का सौदा जिंदगी पर भारी पड़ जाए, तो कानून की सख्ती जरूरी हो जाती है… और जामुल पुलिस ने इस बार दिखा दिया कि न्याय में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं।

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